बफर स्टॉक को लिए तुवर की सरकारी खरीद जनवरी में हो सकती है शुरू

05-Dec-2025 12:49 PM

नई दिल्ली। हालांकि खरीफ सीजन की सबसे प्रमुख दलहन फसल- तुवर के नए माल को आवक कहीं-कहीं आरंभ हो चुकी है जो आगामी दिनों में नियमित रूप से बढ़ती जाएगी लेकिन इसकी जोरदार आपूर्ति जनवरी से ही शुरू होने की संभावना है।

तुवर का घरेलू बाजार भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (8000 रुपए प्रति क्विंटल) से नीचे चल रहा है जबकि नए माल की जोरदार आपूर्ति होने पर कीमतों में कुछ और नरमी आने की संभावना है क्योंकि म्यांमार एवं अफ्रीकी देशों से तुवर का आयात भी निंरंतर जारी रहेगा।

इसे देखते हुए केन्द्र सरकार ने इस बार जनवरी से ही न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर किसानों से तुवर की भारी खरीद आरंभ करने का प्लान बनाया है और इसके लिए आवश्यक तैयारी की जा रही है ताकि खरीद का स्तर बढ़ाया जा सके। 

पिछले खरीफ मार्केटिंग सीजन के दौरान सरकार के राष्ट्रीय स्तर पर 13 लाख टन तुवर की खरीद का लक्ष्य नियत था जबकि वास्तविक खरीद 6 लाख टन के करीब हुई थी।

वर्तमान समय में सरकार के पास करीब 5 लाख टन तुवर का स्टॉक मौजूद है जबकि 10 लाख टन के रणनीतिक भंडार को बनाये रखने के लिए 5 लाख टन की अतिरिक्त खरीद की जरूरत पड़ेगी।

यदि खरीद की मात्रा इससे ऊपर पहुंचती है तो बफर स्टॉक की स्थिति और भी मजबूत हो जाएगी जिससे आपूर्ति के ऑफ सीजन में घरेलू बाजार भाव में आने वाली संभावित तेजी को नियंत्रित करने के लिए सरकार को ज्यादा प्रभावी ढंग से हस्तक्षेप करने में सहायता  मिलेगी। 

महाराष्ट्र, कर्नाटक एवं गुजरात जैसे शीर्ष उत्पादक राज्यों में तुवर की सरकारी खरीद की मात्रा एवं समयावधि औपचारिक घोषणा अभी नहीं हुई है लेकिन उत्तर  प्रदेश में जनवरी की खरीद मात्रा घोषित कर दी जाएगी।

नैफेड तथा एनसीसीएफ जैसी केन्द्रीय एजेंसियों को एक बार फिर किसानों से तुवर की खरीद का दायित्व सौंपा जाएगा।  

2025-26 सीजन के लिए केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने 36 लाख टन तुवर के घरेलू उत्पादन का अनुमान लगाया है। समझा जाता है कि अगर तुवर में नमी का अंश स्वीकृत स्तर के आसपास रहा तो इसकी सरकारी खरीद में अच्छी वृद्धि हो सकती है। इससे सरकारी स्टॉक में बढ़ोत्तरी होगी और किसानों को भी मूल्य समर्थन योजना का अच्छा फायदा मिल सकेगा।