बांग्ला देश में भारत से कम से कम 2 लाख टन चावल मंगाने का निर्णय

31-Dec-2024 01:46 PM

ढाका । आगामी महीनों में आपूर्ति एवं उपलब्धता की कमी की आशंका को दूर करने के लिए बांग्ला देश सरकार ने भारत से कम से कम 2 लाख टन चावल मंगाने का निर्णय लिया है। इसमें से 27 हजार टन चावल की पहली खेप गत सप्ताह बांग्ला देश के चटगांव बंदरगाह पर पहुंच गई। वहां जहाज पर से चावल की अन लोडिंग हो रही है।

हालांकि वर्तमान समय में वहां चावल की कोई खास कमी नहीं है लेकिन प्राकृतिक आपदाओं से धान की फसल को हुए नुकसान के कारण चावल के उत्पादन में 10-12 लाख टन की गिरावट आने की आशंका है जिससे आगामी महीनों में इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न का अभाव उत्पन्न हो सकता है। इस संकट से बचने के लिए सरकार पहले ही आयात करके चावल का स्टॉक बनाने का प्रयास कर रही है। 

अधिकारिक सूत्रों के अनुसार बांग्ला देश सरकार ने फिलहाल 2 लाख टन गैर बासमती सेला चावल के आयात का फैसला किया है।

इसके अलावा अंतर्राष्ट्रीय टेंडर के जरिए भी एक लाख टन चावल मंगाया जाएगा। इतना ही नहीं बल्कि वहां सरकार से सरकार (G 2 G) स्तर पर और अधिक चावल मंगाने का प्लान भी बनाया गया है।

प्राइवेट व्यापरियों को कुल मिलाकर 16 लाख टन चावल के आयात का परमिट जारी किया जा चुका है और यह चावल भी भारत से ही मंगाया जाएगा।

इसके साथ-साथ म्यांमार से एक लाख टन चावल का आयात अनुबंध सरकारी स्तर पर किया गया है जबकि वियतनाम एवं पाकिस्तान जैसे देशों से भी चावल मंगाने के बारे में विचार विमर्श किया जा रहा है।

बांग्ला देश सरकार चावल के आयात पर  लगे सीमा शुल्क को पहले ही वापस ले चुकी है इसलिए वहां भारी मात्रा में भारत से चावल मंगाया जा रहा है।

आगे भी इसका सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है। ऐसा प्रतीत होता है कि बांग्ला देश में इस बार चावल का कुल आयात 22-25 लाख टन तक पहुंच सकता है।