बांग्लादेश में भारत से चावल का आयात निरंतर जारी
08-Dec-2025 12:31 PM
कोलकाता। प्राप्त सूचना के अनुसार पिछले चार महीनो के दौरान बांग्लादेश में हिललैंडपोर्ट के माध्यम से करीब 2,24,400 टन सेला और आतप चावल का आयात किया गया जबकि लिनपोल पोर्ट के जरिए भी लगभग 18,000 टन चावल मंगाया गया। यह चावल मुख्यतः भारत से खरीदा गया।
हालांकि सरकारी स्तर पर दावा किया जा रहा है कि बांग्लादेश खासकर चावल के मामले में आत्मनिर्भर बन चुका है लेकिन हकीकत इससे भिन्न है बांग्लादेश में चावल आम लोगो को मुख्य खाद्य आहार है यदि वहां पर्याप्त मात्रा में इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न का उत्पादन होता है तो फिर इसका आभाव क्यों बना रहता है। भारत से इसके आयात की आवश्यकता क्यों बनी रहती है।
दरअसल बांग्लादेश के ग्रामीण इलाको में ईंट के भट्टों, सड़को, पूलों, कारखानों एवं कई अन्य ढांचों का विकास-विस्तार हो रहा है जिससे कृषि योग्य भूमि का दायरा सिकुड़ता जा रहा है। इसके आलावा खाद्य, उर्वरक एवं कीटनाशी रसायनो सहित अन्य कृषि साधनो की कीमते काफी बढ़ गई है इसलिए किसान अब वादा कमाई वाले क्षेत्रो पर विशेष ध्यान देने वाले है और धान की खेती के प्रति उसका उत्साह एवं आकर्षण घटता जा रहा है। उन्होंने सब्जियों की खेती, पॉटरी फार्म तथा पशुपालन (डेयरी) क्षेत्र को प्रथमिकता देना शुरू क्र दिया है। आबादी बढ़ने के साथ ही बांग्लादेश में कृषि योग्य भूमि का तेजी से विभाजन भी होने लगा है इसलिए खेतो का आकार छोटा होता जा रहा है। इससे धान की खेती पर सीधा असर पड़ने के संकेत मिल रहे है। आगे का रास्ता और भी कठिन प्रतीत होता है।
बांग्लादेश से अधिकांशतः निम्न या सामान्य श्रेणी के धान -चावल का उत्पादन होता है जबकि वहां उच्च क्वालिटी के चावल की मांग एवं खपत तेजी से बढ़ती जा रही है। इसके फलस्वरूप चावल का आयात करना आवश्यक होता है। भारत में इसका पर्याप्त उत्पादन होता है और दोनों देशो की सीमाए भी मिलती है इसलिए बांग्लादेश में भारतीय चावल का आयात अपेक्षाकृत सस्ता बैठता है।
