भारी आपूर्ति एवं सामान्य मांग से लालमिर्च का भाव नरम
04-Apr-2025 08:38 PM
गुंटूर। आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों की मंडियों में लालमिर्च की आवक एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगी है जबकि उसके अनुरूप मांग एवं उठाव नहीं होने से कीमतों पर दबाव पड़ने लगा है।
पिछले दिन आंध्र प्रदेश की बेंचमार्क गुंटूर मंडी में लालमिर्च की आपूर्ति बढ़कर 1.20-1.30 लाख बोरी के शीर्ष स्तर पर पहुंच गई।
पिछले साल की तुलना में चालू वर्ष के दौरान इस महत्वपूर्ण मसाले की औसत दैनिक आवक अधिक देखी जा रही है। घरेलू एवं निर्यात मांग लगभग सामान्य बनी हुई है।
यदि आवक की सही रफ्तार बनी रही तो लालमिर्च के दाम में आगे कुछ और नरमी आ सकती है। घरेलू प्रभाग में खपत का प्रमुख सीजन भी समाप्त होता जा रहा ही।
तेलंगाना की वारंगल मंडी में लालमिर्च की आवक बढ़ते हुए 30-35 हजार बोरी पर पहुंच गई है जबकि वहां भी दिसावरी व्यापारियों की मांग कमजोर बताई जा रही है।
बाजार में नरमी के रुख को देखते हुए निर्यातकों साथ-साथ मसाला उत्पाद एवं ओलियोरेसिन निर्माताओं ने भी लालमिर्च की खरीद में सक्रियता घटा दी है।
सभी खरीदार बाजार के स्थिर होने का इंतजार कर रहे हैं। बाजार को स्थिर या मजबूत होने में कुछ समय लग सकता है।
अप्रैल-दिसम्बर 2024 के दौरान देश से लालमिर्च का निर्यात बढ़कर 4,35,891 टन पर पहुंचा जो वर्ष 2023 के इन्हीं महीनों के शिपमेंट 3,83,849 टन से करीब 14 प्रतिशत अधिक रहा।
लेकिन इसकी निर्यात आय 7912.37 करोड़ रुपए से करीब 10 प्रतिशत घटकर 7111.29 करोड़ रुपए पर अटक गई।
