भरपूर आपूर्ति एवं सीमित मांग से चावल के दाम पर दबाव
08-Dec-2025 05:47 PM
हैदराबाद। घरेलू तथा वैश्विक स्तर पर चावल का विशाल स्टॉक मौजूद है और इसके नए माल की भरपूर आपूर्ति हो रही है दूसरी ओर आयातक देशो में इसकी अपेक्षित मांग नहीं निकल रही है इसके फलस्वरूप नवम्बर में चावल की कीमतों पर काफी हद तक दबाव बना रहा और अब दिसम्बर में भी इसका भाव नरम चल रहा है। भारतीय रुपया के कमजोर पड़ने से निर्यातकों को चावल का ऑफर मूल्य प्रर्तिस्पर्धी स्तर पर रखने में सहायता मिल रही है उधर फिलीपींस में चावल के आयात पर प्रतिबंध लागू होने से वियतनाम को नए-नए बाजारों की तलाश करनी पड़ रही है इसलिए उसे भी अपने खाद्यान्न का भाव नीचे स्तर पर बाजारों की तलाश करनी पड़ रही है इसलिए उसे भी अपने खाद्यान्न का भाव नीचे स्तर पर बरकरार रखने के लिए विवश होना पड़ रहा है। थाईलैंड को चीन सहित कुछ अन्य बाजारों में अपने चावल का निर्यात बढ़ने का भरोसा है। पाकिस्तान का चावल भारत से भी नीचे दाम पर उपलब्ध है। म्यांमार का चावल स्थिर बना हुआ है।
निर्यातकों को आगामी महीनो में चावल का कारोबार बेहतर और भाव मजबूत होने की उम्मीद है क्योकि महत्वपूर्ण आयातक-निर्यातक देशो में प्राकृतिक आपदाओं के कारण धान की फसल को काफी नुकसान होने की आशंका है। हाल के सप्ताहों में वियतनाम, थाईलैंड, फिलीपींस एवं इंडोनेशिया वैसे दक्षिण-पूर्व एशिया के प्रमुख चावल उत्पादक देशो में अत्यंत जोरदार बारिश के कारण भयंकर बाढ़ आ गई। उधर अफ्रीका के कुछ देश भी इस समस्या से जूझ रहे है। और मध्य एशिया के कुछ देशो की स्थिति भी अच्छी नहीं है।
फिलीपींस को सबसे प्रमुख चावल आयातक देश माना जाता है। इंडोनेशिया यद्यपि चावल उत्पादन में आत्मनिर्भर लगने का जोरदार प्रयास कर रहा है लेकिन यदि वहां धान की फसल क्षतिग्रस्त होती है तो विदेशो से चावल मंगाने की आवश्यकता पड़ेगी। फिलीपींस में फ़िलहाल 31 दिसम्बर 2025 तक चावल के आयात पर पाबंदी लागू है। सरकार ने कहा था कि जरूरत पड़ने पर इसकी खपत सीमा जनवरी 2026 तक बढ़ाई जा सकती है। अब इसकी उम्मीद कम नजर जा रही है। भारत में चावल का रिकार्ड उत्पादन हो रहा है इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति काफी सुगम बनी हुई है।
