भारत के नजरिए से मक्का निर्यात का परिदृश्य: बढ़ती चुनौती, लेकिन सुधार की उम्मीद
24-Apr-2026 10:02 AM
भारत के नजरिए से मक्का निर्यात का परिदृश्य: बढ़ती चुनौती, लेकिन सुधार की उम्मीद
★ भारत बांग्लादेश के मक्का बाजार में अपनी अग्रणी स्थिति खो चुका है और अब ब्राज़ील ने वहां मजबूत पकड़ बना ली है। इसकी मुख्य वजह देश में एथेनॉल उत्पादन के लिए मक्का की बढ़ती खपत और ऊंची घरेलू कीमतें रही हैं, जिससे निर्यात के लिए उपलब्ध मात्रा कम हो गई।
★ भारत से बांग्लादेश को मक्का निर्यात 2022 में 18.2 लाख टन से घटकर 2025 में लगभग नगण्य स्तर पर आ गया, जो निर्यात प्रतिस्पर्धा में आई गिरावट को दिखाता है।
★ हालांकि, अब कुछ सुधार के संकेत मिल रहे हैं। घरेलू कीमतों में नरमी आने से भारतीय मक्का फिर से अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी बन रहा है। नेपाल और वियतनाम जैसे बाजारों में निर्यात बढ़ने लगा है।
★ आगे भारत के लिए मक्का निर्यात का भविष्य तीन बातों पर निर्भर करेगा—उत्पादन, एथेनॉल की मांग और वैश्विक कीमतें। अगर उत्पादन अच्छा रहता है और कीमतें संतुलित रहती हैं, तो भारत धीरे-धीरे अपनी हिस्सेदारी वापस हासिल कर सकता है, हालांकि ब्राज़ील की मजबूत मौजूदगी एक बड़ी चुनौती बनी रहेगी।
