भारत में कनाडा से फरवरी में 1.11 लाख टन मसूर का आयात

04-Apr-2025 02:17 PM

वैंकुवर। सरकारी एजेंसी- स्टैटिसटिक्स कनाडा (स्टेट्स कैन) के आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि जनवरी की तुलना में फरवरी के दौरान कनाडा से मसूर के निर्यात में 70 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि हुई और इसकी मात्रा 1,28,706 टन से उछलकर 2,18,994 टन पर पहुंच गई।

फरवरी में भारत कनाडाई मसूर का सबसे बड़ा खरीदार बना रहा जिसने 1,10,801 टन का आयात किया। दूसरे स्थान पर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) रहा जहां कनाडा से 31,362 टन मसूर का आयात किया गया। इसके बाद 16449 टन के आयात के साथ पाकिस्तान तीसरे नंबर पर रहा।

इसके साथ ही कनाडा से चालू मार्केटिंग सीजन के शुरूआती सात महीनों में यानी अगस्त 2024 से फरवरी 2025 के दौरान मसूर का कुल निर्यात उछलकर 14,39,727 टन पर पहुंच गया जो 2023-24 के मार्केटिंग सीजन की समान अवधि के सकल शिपमेंट 10,72,220  टन से काफी अधिक रहा।

दरअसल पिछले सीजन के दौरान कनाडा में प्रतिकूल मौसम के कारण मसूर के उत्पादन में भारी गिरावट आ गई थी और उसका दाम भी बढ़कर काफी ऊंचे स्तर पर पहुंच गया था जिससे उसके निर्यात पर असर पड़ा। 2024-25 के सीजन में उत्पादन बेहतर रहा। 

इधर भारत में मसूर की नई फसल की जोरदार आवक आरंभ हो गई है और इसका दाम सरकारी  समर्थन मूल्य से कुछ नीचे चल रहा है।

सरकार पहले ही किसानों से मसूर की 100 प्रतिशत विपणन योग्य मात्रा की खरीद करने का एलान कर चुकी है। मसूर का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) इस बार 6700 रुपए प्रति क्विंटल नियत किया गया है। 

उधर ऑस्ट्रेलिया में कमजोर उत्पादन एवं भारी निर्यात के कारण मसूर का स्टॉक घटकर काफी कम रह गया है। इससे निर्यात की गति धीमी पड़ गई है।

भारत सरकार ने मसूर पर 11 प्रतिशत का आयात शुल्क लगा दिया है लेकिन इसका ज्यादा असर पड़ने की संभावना नहीं है।