भारत में खाद्यान्न एवं तिलहनों के उत्पादन में उतार-चढ़ाव का अनुमान

12-Dec-2025 01:02 PM

नई दिल्ली। अमरीकी कृषि विभाग (उस्डा) ने अपनी नई मासिक रिपोर्ट में 2025-26 के मार्केटिंग सीजन के दौरान भारत में चावल का सकल उत्पादन उछलकर 15.20 करोड़ टन के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंचने तथा गेहूं का उत्पादन 11.30 करोड़ टन से बढ़कर 11.79 करोड़ टन के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान लगाया है लेकिन तिलहनों का उत्पादन 415 लाख टन से घटकर 403 लाख टन रह जाने की संभावना व्यक्त की है। इस उत्पादन आंकड़े में खरीफ, रबी एवं जायद- तीनों सीजन की पैदावार का अनुमान शामिल है। 

वर्तमान रबी सीजन में गेहूं का उत्पादन क्षेत्र बढ़कर 241.40 लाख हेक्टेयर पर पहुंच चुका है जो पिछले साल के बिजाई क्षेत्र 217.80 लाख हेक्टेयर से काफी अधिक है। रबी सीजन के इस सर्वाधिक महत्वपूर्ण खाद्यान्न की खेती में किसानों का भारी उत्साह बरकरार है। 

उस्डा की रिपोर्ट के अनुसार 2025-26 के खरीफ सीजन के दौरान भारत में धान का क्षेत्रफल बढ़कर 441 लाख हेक्टेयर के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया जबकि दक्षिण-पश्चिम मानसून की जोरदार बारिश भी हुई। इससे धान-चावल के उत्पादन में अच्छी बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है। इस बार कुछ क्षेत्रों में कपास के बजाए किसानों ने धान की खेती को प्राथमिकता दी। 

जहां तक तिलहन फसलों की बात है तो यद्यपि चालू रबी सीजन में इसका बिजाई क्षेत्र बढ़कर 84.10 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है जो पिछले साल के क्षेत्रफल 81.70 लाख हेक्टेयर से ज्यादा है लेकिन इसके बावजूद तिलहनों के कुल वार्षिक उत्पादन में करीब 12 लाख टन की गिरावट आने का अनुमान लगाया गया है।

खरीफ सीजन में सोयाबीन की फसल को अधिशेष बारिश एवं भयंकर बाढ़ से नुकसान हुआ। वैसे मूंगफली फसल की हालत आमतौर पर अच्छी रही। मौजूदा रबी सीजन में सरसों का रकबा बढ़ रहा है और मौसम की स्थिति भी काफी हद तक अनुकूल बनी हुई है।