भारत- म्यांमार के कृषि निर्यात का सबसे बड़ा ग्राहक, वैश्विक खरीद में 80% से अधिक हिस्सा

11-Jun-2025 10:55 AM

भारत- म्यांमार के कृषि निर्यात का सबसे बड़ा ग्राहक, वैश्विक खरीद में 80% से अधिक हिस्सा
★ म्यांमार के लिए कृषि निर्यात आज भी विदेशी मुद्रा का एक प्रमुख स्रोत है और इस व्यापार की धुरी भारत है। वित्त वर्ष 2024–25 (अप्रैल–मार्च) में म्यांमार ने जिन प्रमुख दालों और अनाजों का दुनिया भर में निर्यात किया, उनमें भारत का हिस्सा कहीं ज्यादा है — कई मामलों में 90% से भी अधिक।
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अप्रैल 24 से मार्च 25 तक भारत की खरीद बनाम म्यांमार का वैश्विक निर्यात:
★ तुवर: म्यांमार ने कुल 2.82 लाख मीट्रिक टन अरहर निर्यात किया, जिसमें से 2.77 लाख टन भारत को भेजा गया -यानी 98.21% हिस्सा अकेले भारत का है।
★ उड़द: कुल 9.46 लाख टन में से 7.72 लाख टन यानी 81.67% भारत ने खरीदा।
★ देशी चना: भारतीय हिस्सा 76.84%।
★ राजमा: भारत ने 64.55% खरीद कर इस फसल में भी म्यांमार पर अपनी निर्भरता दिखाई।
★ लोबिया: भारत की हिस्सेदारी 39.52% रही।
★ मक्का: भारत ने 6.44 लाख टन मक्का म्यांमार से खरीदा, जो कुल निर्यात का 26.85% है।
★ तिल (सेसमे): केवल 0.80% हिस्सा भारत का। 
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★ आंकड़ों से स्पष्ट है कि भारत म्यांमार के लिए महज़ एक बाजार नहीं, बल्कि उसकी कृषि निर्यात प्रणाली की जीवनरेखा है। यदि भारत किसी कारणवश अपनी मांग घटा देता है या आपूर्ति का स्रोत बदलता है, तो म्यांमार को भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है।
★ अभी हाल ही में म्यांमार से निकली कुछ शिपमेंट में क्वालिटी और माल को ले कर कुछ खबरें आईं थी। म्यांमार इस तरह के प्रपंचों से बचना चाहिए।
★ ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि म्यांमार के कृषि निर्यात की सफलता भारत की मांग और नीति पर टिकी हुई है।
★ म्यांमार को समझना होगा की तुवर का उत्पादन अब अफ्रीकन देशों में होने लगा है और ब्राज़ील भी उड़द मामले में उच्चतम क़्वालिटी निर्यातक से रूप में निखर कर आया है।