भारत संयुक्त उद्यम के तहत रूस में यूरिया प्लांट लगाएगा
08-Dec-2025 01:34 PM
नई दिल्ली। पिछले सप्ताह रूस की फर्म युरालकैम जेएसपी तथा भारतीय कम्पनियो -इंडियन पोटाश लिमिटेड (आईपीएल), राष्ट्रिय कैमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स (आरपीएफ) तथा नेशनल फर्टीलाईजर्स लिमिटेड (एनएफएल) के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत रूस में 20 लाख टन वार्षिक क्षमता वाले एक यूरिया प्लांट स्थापित करने का प्रावधान। इस प्लांट का निर्माण संयुक्त उद्यम के तहत किया जाएगा और इस पर 1.20 अरब डॉलर (10,790 करोड़ रूपए) का खर्च बैठने का अनुमान है वर्ष 2027-28 से इस प्लांट को चालू करने का लक्ष्य रखा गया है जिससे भारतीय किसानो के लिए यूरिया की उपलब्धता बढ़ जाएगी।
भारतीय प्रधानमंत्री और रूस के रष्ट्रपति की उपस्थ्ति में 5 दिसम्बर 2025 को नई दिल्ली में रूस में भारतीय राजदूत तथा भारत में रूस के राजदूत के बीच इस समझौते के दस्तावेज का आदान-प्रदान किया गया। उस अवसर पर भारतीय प्रधानमंत्री ने कहा था कि खाद्य सुरक्षा के लिए भारत और रूस के बीच कृषि एवं उर्वरक क्षेत्र में बढ़ता सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है इससे किसानो का कल्याण भी सुनिश्चित हो सकेगा। इस आपसी सहयोग को गतिशील रखने का प्रयास किया जाएगा। दोनों देश यूरिया बढ़ाने पर मिलकर बात करेंगे। इस संयुक्त उद्यम वाले यूरिया प्लांट में रुसी कम्पनी की भागीदारी 50 प्रतिशत होगी जबकि शेष 50 प्रतिशत हिस्सेदारी भारतीय फर्मो के पास रहेगी। इसका मतलब यह हुआ है कि इस प्लांट में उत्पादित यूरिया का कम से कम आधा भाग भारत को प्राप्त होगा और यदि रूस की जरूरत कम हुई तो भारत को उससे अधिक यूरिया मिल सकता है।
