भारतीय चीनी का निर्यात अनुबंध एक लाख टन से ऊपर पहुंचा
13-Dec-2025 05:41 PM
मुम्बई। केन्द्र सरकार द्वारा 15 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति देने के एक माह के बाद भारतीय निर्यातकों द्वारा अभी तक लगभग एक लाख टन चीनी का अनुबंध किया जा चुका है। उद्योग समीक्षकों के अनुसार इसमें से करीब 40 हजार टन का शिपमेंट भी कर दिया गया है।
समझा जाता है कि इस अवधि के दौरान मिलर्स द्वारा निर्यातकों को करीब 1.60 लाख टन चीनी उपलब्ध करवाई गई। निर्यातक नए-नए अनुबंधों की कोशिश कर रहे हैं। अक्टूबर-सितम्बर की अवधि में कुल 15 लाख टन चीनी का निर्यात होना है जिसके करीब 7 प्रतिशत भाग का सौदा हो चुका है।
ऑल इंडिया शुगर ट्रेड एसोसिएशन के चेयरमैन का कहना है कि चीनी के निर्यात अनुबंध की मात्रा अभी छोटी मगर बाजार की उम्मीद से ज्यादा है। घरेलू एवं वैश्विक बाजार में प्रचलित कीमतों को देखते हुए चीनी का यह सौदा उत्साहवर्धक प्रतीत होता है।
घरेलू प्रभाग में चीनी का औसत एक्स फैक्ट्री भाव करीब 3770 रुपए प्रति क्विंटल चल रहा है इसलिए केवल कुछ ही बाजारों में भारतीय चीनी अभी प्रतिस्पर्धी है।
इसमें श्रीलंका, अफगानिस्तान तथा अफ्रीका महाद्वीप के कुछ देश शामिल हैं। वैश्विक बाजार भाव नरम और नीचे है। ब्राजील और थाईलैंड से चीनी की अनुमति बढ़ रही है। उसकी चीनी अपेक्षाकृत सस्ते दाम पर उपलब्ध है।
2024-25 सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान सरकार ने 10 लाख टन चीनी के निर्यात का कोटा नियत किया था लेकिन कमजोर वैश्विक भाव के कारण इसमें से लगभग 8 लाख टन का ही शिपमेंट हो सका।
चालू मार्केटिंग सीजन में शुद्ध चीनी का उत्पादन बढ़कर 300 लाख टन से ऊपर पहुंच जाने का अनुमान है जिसे देखते हुए सरकार ने निर्यात का कोटा 50 प्रतिशत बढ़ाकर 15 लाख टन नियत कर दिया है। भारतीय निर्यातक चीनी का निर्यात बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।
