भारतीय ऑफर से संतुष्ट होने के बावजूद अमरीका समझौते में कर रहा है देरी
12-Dec-2025 01:53 PM
नई दिल्ली। केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने कहा है कि यदि अमरीका महसूस करता है कि व्यापार वार्ता के क्रम में उसे भारत द्वारा दिए गए ऑफर माकूल है और वह उससे पूरी तरह संतुष्ट तथा खुश है तो उसे द्विपक्षीय व्यापार संधि पर यथाशीघ्र हस्ताक्षर करना चाहिए।
अन्य देशों ने अमरीका को रियायतों का जो ऑफर दिया है उसकी तुलना में भारत का ऑफर सबसे अच्छा है लेकिन फिर भी वह इस संधि पर हस्ताक्षर करने में विलम्ब कर रहा है।
दरअसल एक अमरीकी व्यापार प्रतिनिधि ने सीनेट की एक समिति को बताया था कि अमरीकी दबाव के आगे भारत काफी हद तक झुक गया है जिससे वे काफी खुश हैं।
इस पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भारतीय वाणिज्य मंत्री ने कहा कि अगर अमरीका द्विपक्षीय व्यापार समझौता (बीटीए) से खुश है तो उसे जल्दी से जल्दी इस पर हस्ताक्षर कर देना चाहिए ताकि इसे क्रियान्वित किया जा सके।
अमरीकी व्यापार प्रतिनिधि ने कहा था कि भारत से जिस तरह के ऑफर पर चर्चा होती रही है वह अन्य देशों की तुलना में सर्वोत्तम है और ऐसा प्रतीत होता है कि भारत अमरीकी कृषि उत्पादों के लिए एक आकर्षक एवं लाभप्रद वैकल्पिक बाजार साबित होगा।
हालांकि भारतीय वाणिज्य मंत्री ने अमरीका को दिए गए ऑफर का खुलासा करने से इंकार कर दिया है लेकिन इतना अवश्य कहा है कि व्यापारिक करार पर अमरीका के साथ पांच दौर की बातचीत हो चुकी है।
उनका कहना था कि अमरीका के उप व्यापार प्रतिनिधि का मौजूदा भारत दौरा द्विपक्षीय विचार-विमर्श के उद्देश्य से नहीं है।
द्विपक्षीय बातचीत नियमित रूप से प्रगति पर है और पहले ही अनेक दौर की वार्ता के क्रम में महत्वपूर्ण विचार-विमर्श किया जा चुका है।
वर्तमान समय में अमरीकी व्यापार उप प्रतिनिधि के भारत दौरे का द्विपक्षीय बातचीत से कोई लेना-देना नहीं है। अमरीका मानता है कि भारत ने उसे सबसे अच्छा ऑफर दिया है लेकिन फिर भी वह व्यापार समझौते पर हस्ताक्षार करने से कतरा रहा है जिससे उसकी नियत पर संदेह होने लगा है।
भारतीय पक्ष को उम्मीद है कि जल्दी ही इस समझौते पर हस्ताक्षार के लिए माहौल अनुकूल हो जाएगा।
