ब्राजील में गन्ना की पैदावार घटने की आशंका से चीनी का भाव सुधरा
03-Oct-2025 08:35 PM
न्यूयार्क। दक्षिण अमरीका महाद्वीप में अवस्थित दुनिया के सबसे प्रमुख चीनी उत्पादक एवं निर्यातक देश- ब्राजील में मौसम की प्रतिकूल स्थिति के कारण गन्ना की उपज दर एवं पैदावार में गिरावट की आशंका बढ़ती जा रही है।
इसके प्रभाव से न्यूयार्क एवं लन्दन एक्सचेंज में चीनी का वायदा भाव कुछ सुधर गया। न्यूयार्क एक्सचेंज में मार्च 2026 की डिलीवरी के लिए कच्ची चीनी (रॉ शुगर) के वायदा मूल्य में 0.27 सेंट प्रति पौंड (1.67 प्रतिशत) और लन्दन एक्सचेंज में दिसम्बर 2025 के अनुबंध हेतु सफेद चीनी (व्हाइट शुगर) के वायदा मूल्य में 5.90 डॉलर प्रति टन या 1.30 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई।
हालांकि ब्राजीलियन चीनी उद्योग की शीर्ष संस्था- यूनिका की रिपोर्ट से पता चलता है कि सितम्बर 2025 के पहले हाफ में ब्राजील को सबसे प्रमुख उत्पादक संभाग- मध्य दक्षिणी क्षेत्र में गन्ना की क्रशिंग बढ़कर 460 लाख टन पर पहुंच गई
जो सितम्बर 2024 की क्रशिंग मात्रा से 6.9 प्रतिशत अधिक रही मगर गन्ना से चीनी की औसत रिकवरी दर इस अवधि में 160.07 किलो प्रति टन से गिरकर 154.58 किलो प्रति टन रह गई। इससे चीनी के उत्पादन में इजाफा होने में संदेह बढ़ गया।
30 सितम्बर 2025 को पाकिस्तान ने तात्कालिक डिलीवरी के लिए कुल 3.20 लाख टन चीनी का आर्डर जारी किया था जबकि कुछ अन्य देशों में भी इसकी मजबूत मांग देखी गई।
इसके फलस्वरूप चीनी का वायदा भाव न्यूयार्क एक्सचेंज में बढ़कर डेढ़ माह के ऊंचे स्तर पर पहुंचा और लन्दन एक्सचेंज में भी यह दो सप्ताहों के उच्च स्तर पर पहुंच गया था।
उससे ठीक एक सप्ताह पूर्व चीनी के वायदा मूल्य में जोरदार गिरावट आई थी। न्यूयार्क में यह सवा चार साल तथा लन्दन में 4 वर्ष के निचले स्तर तक लुढ़क गया था।
पिछले सात महीनों से चीनी के वायदा मूल्य में नरमी का माहौल बना हुआ था। वैश्विक बाजार में चीनी की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति काफी हद तक सुगम बनी हुई है इसलिए खरीदार देशों की लिवाली से कभी-कभार इसके दाम में थोड़ी-बहुत तेजी आती है मगर वह ज्यादा समय तक टिक नहीं पाती। भारत में गन्ना की क्रशिंग जल्दी ही आरंभ होने की संभवना है जिसमें नै चीनी का उत्पादन शुरू हो जाएगा।
