ब्राजील और भारत के हालात से चीनी के वैश्विक भाव में मामूली उतार-चढ़ाव

04-Dec-2025 01:29 PM

न्यूयार्क। एक तरफ लैटिन अमरीकी देश- ब्राजील में मिलर्स द्वारा एथनॉल निर्माण में गन्ना के उपयोग को प्राथमिकता दिए जाने से चीनी के उत्पादन में कुछ गिरावट आने की संभावना है जिससे वैश्विक बाजार में इसकी कीमतों को ऊपर चढ़ने का आधार मिल रहा है जबकि दूसरी ओर भारत में उत्पादन काफी बढ़ने की उम्मीद है

और सरकार ने उद्योग को 15 लाख टन के निर्यात की स्वीकृति भी प्रदान कर दी है जिससे चीनी के दाम पर दबाव पड़ने की उम्मीद है।

इन दोनों शीर्ष उत्पादक देशों के हालात को देखते हुए वैश्विक बाजार में चीनी के वायदा मूल्य में मामूली उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। 

न्यूयार्क एक्सचेंज में सर्वाधिक सक्रिय माह के लिए कच्ची चीनी (रॉ शुगर) का वायदा अनुबंध पहले ऊपर चढ़ते हुए 0.8 प्रतिशत तक बढ़ गया लेकिन उसके बाद इसमें नरमी आने लगी।

उल्लेखनीय है कि चालू सप्ताह के प्रथम दिन यहां चीनी के वायदा मूल्य में जोरदार गिरावट आ गई थी लेकिन दूसरे दिन इसमें कुछ सुधार दर्ज किया गया।

तीसरे दिन बाजार में काफी हद तक स्थिरता का माहौल देखा गया। दरअसल व्यापारियों- आयातकों के साथ-साथ निवेशकों का ध्यान भी अब भारत में चीनी उत्पादन के संभावित परिदृश्य पर केन्द्रित हो गया है।

ब्राजील में चीनी के उत्पादन का सीजन अंतिम चरण में पहुंच गया है और चालू माह के बाद वहां उत्पादन की रफ्तार काफी धीमी हो जाएगी।

दूसरी ओर भारत में गन्ना की क्रशिंग एवं चीनी के उत्पादन का सीजन आरंभ ही हुआ है। अक्टूबर-नवम्बर 2025 के दो महीनों में यहां चीनी का उत्पादन बढ़कर 41 लाख टन से ऊपर पहुंच गया।

चीनी का भाव कमजोर रहने से ब्राजील के मिलर्स को एथनॉल का उत्पादन बढ़ाने का प्रोत्साहन मिल रहा है। चीनी का दाम फिलहाल 16.5 सेंट प्रति पौंड के आसपास चल रहा है जो मिलर्स के लिए ज्यादा आकर्षक नहीं है।

कीमतों का स्तर ऊंचा उठने के बाद ही चीनी के उत्पादन में ब्राजील के मिलर्स का उत्साह बढ़ सकता है। पिछले दिन न्यूयार्क एक्सचेंज में कच्ची चीनी का वायदा भाव महज 0.2 प्रतिशत सुधरकर 15.01 सेंट प्रति पौंड पर पहुंचा जबकि लन्दन एक्सचेंज में सफेद चीनी का वायदा मूल्य कुछ कमजोर पड़ गया।