बारिश की संभावना से तेज गर्मी का प्रकोप समाप्त होने की उम्मीद
21-Mar-2025 01:47 PM
तिरुअनन्तपुरम। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले चार-पांच दिनों के दौरान देश के किसी भी भाग में गर्म हवा की तेज लहर (हीट वेव या लू) चलने की संभावना से इंकार करते हुए कहा है कि देश के पूर्वी एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र,
पश्चिमोत्तर भाग तथा मध्यवर्ती इलाकों में मौसम की हितैषी साइक्लोनिक सर्कुलेशन और इससे सम्बन्धित उपयुक्त ट्रफ की उपस्थिति के कारण गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है और यह मानसून- पूर्व की वर्षा की शुरुआत कर सकती है।
पश्चिमोत्तर भारत में एक ट्रफ के रूप में पश्चिमी विक्षोभ पूर्वी पाकिस्तान को पार करते हुए पश्चिमी गुजरात एवं दक्षिण- पश्चिम राजस्थान में प्रवेश कर गया है।
दक्षिण पश्चिमी राजस्थान के ऊपर एक ऊपरी हवा वाला साइक्लोनिक सर्कुलेशन पहले से ही मौजूद है। इन दोनों के संयुक्त प्रभाव से उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ हल्की से सामान्य बारिश होने, बौछार पड़ने तथा कहीं-कहीं धूल भरी आंधी चलने की संभावना है।
इससे गर्मी का प्रकोप घट जाएगा और तापमान में गिरावट आएगी। बारिश से पिछैती बिजाई वाली रबी फसलों को फायदा होगा।
देश के विभिन्न हिस्सों में पिछले कुछ समय से तापमान ऊंचा चल रहा था जिससे रबी फसलों के लिए कठिनाई बढ़ने लगी थी।
वैसे मार्च का तापमान मौसम विभाग के अनुमान के अनुरूप ऊंचा नहीं रहा लेकिन कहीं-कहीं यह समस्या पैदा करने की हद तक पहुंच गया था।
देश के पूर्वी एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र में अब 'काल बैसाखी' का समय आ रहा है जिसमें मौसम काफी उग्र, आक्रामक एवं खतरनाक हो जाता है।
मानसून-पूर्व की वर्षा खासकर ग्रीष्मकालीन फसलों के लिए वरदान मानी जाती है। 20 मार्च को दक्षिणी-पश्चिमी मध्य प्रदेश से साइक्लोनिक सर्कुलेशन का एक ट्रफ उत्तरी आंतरिक कर्नाटक तक फैला हुआ था।
इधर बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक एंटी साइक्लोन से तटवर्ती क्षेत्रों में हवा का प्रवाह हो रहा है और इसमें नमी खाली हो रही है।
यह नमी युक्त हवा अनेक दक्षिणी राज्यों में हल्की से मध्यम वर्षा का संवाहक बन सकती है जिसमें तमिलनाडु, पांडिचेरी, कराईकल, तटीय कर्नाटक, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, यानम तथा रॉयल सीमा आदि शामिल है।
अगले चार-पांच दिनों के दौरान केरल, माही, दक्षिणी आंतरिक-तूफान का भी प्रकोप रह सकता है। इसके अलावा मध्य प्रदेश के पूर्वी एवं पश्चिमी भाग, विदर्भ (महाराष्ट्र) तथा छत्तीसगढ़ में सप्ताहांत तक तेज हवा एवं गरज-चमक के साथ वर्षा हो सकती है।
