बीटी कॉटन में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने का दावा
13-Feb-2026 06:04 PM
नई दिल्ली। केन्द्र सरकार का कहना है कि बीटी कॉटन में अमरीकन बॉलवर्म कीट के प्रकोप पर काफी हद तक नियंत्रण लग गया है लेकिन गुलाबी सूंडी (पिंक बॉलवर्म) कीट का खतरा गंभीर होता जा रहा है।
बीटी प्रोटीन के सापेक्ष इस कीट की प्रतिरोधी क्षमता बढ़ती जा रही है। देश के सभी प्रमुख कपास उत्पादक राज्यों में यह कीट अपना पैर पसार रहा है और बीटी कपास इससे अपनी सुरक्षा के लिए संघर्ष कर रही है।
केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री- रामनाथ ठाकुर के अनुसार देश में कपास के कुल उत्पादन क्षेत्र में बीटी कॉटन की हिस्सेदारी बढ़कर 95 प्रतिशत तक पहुंच गई है और यह फसल भी पिंक बॉलवर्म के आघात से पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं।
कृषि राज्य मंत्री के मुताबिक पिछले कई वर्षों से सम्पूर्ण कॉटन इको सिस्टम के लिए यह चूषक कीट खतरा बना हुआ है। इसकी रोकथाम के लिए आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं।
कपास उत्पादकों को कीटनाशी दवाओं पर ज्यादा धन खर्च करना पड़ रहा है शुरुआती दौर में पिंक बॉलवर्म का खतरा कम था लेकिन अब बहुत बढ़ गया है। आगामी समय में इसके खतरा को दूर करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
