एनसीसीएफ द्वारा बिहार में मसूर की खरीदारी आरंभ
24-Apr-2026 05:16 PM
पटना। केन्द्र सरकार की अधीनस्थ एजेंसी- राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (एनसीसीएफ) द्वारा बिहार में पहली बार किसानों से मसूर की खरीदारी आरंभ की गई है। केन्द्रीय खाद्य, उपभोक्त मामले एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि बिहार में इस वर्ष 32 हजार टन मसूर की खरीद का लक्ष्य नियत किया गया है और 22 अप्रैल तक वहां 100.4 टन की खरीद हो गई।
महासंघ द्वारा 22 अप्रैल तक 59 किसानों से सम्पर्क किया गया और 16 पैक्स (प्राइमरी एग्रीकल्चरल क्रेडिट सोसायटीज) का पंजीकरण भी किया गया। इस बीच केन्द्रीय कृषि मंत्रालय की अधीनस्थ एजेंसी- भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ (नैफेड) द्वारा भी समूचे बिहार में फैले अपने सहकारी नेटवर्क के माध्यम से मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के अंतर्गत मसूर खरीदने की तैयारी की जा रही है।
उधर छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) स्कीम के तहत खरीद की गति जोर पकड़ती जा रही है। वहां ई- संयुक्त पोर्टल के माध्यम से किसानों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है और जमीनी स्तर पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
मसूर की खरीद के लिए पैक्स के 85 केन्द्रों को क्रियाशील बनाया गया है और फिलहाल धनवटी, बालोद, दुर्ग, रायपुर, बालोदा बाजार, रायगढ़ एवं सारंगगढ़ जैसे जिलों में खरीद की प्रक्रिया संचालित हो रही है। इस खरीद का दायरा शीघ्र ही सरगुजा, कोंडा गांव तथा वोरिया में भी फैलने की संभावना है।
भारत में मसूर का सर्वाधिक उत्पादन मध्य प्रदेश में होता है जबकि उत्तर प्रदेश दूसरे एवं बिहार तीसरे नम्बर पर रहता है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ एवं झारखंड सहित कुछ अन्य राज्यों में भी मसूर का थोड़ा-बहुत उत्पादन होता है।
