उपयोग की तुलना में गेहूं का वैश्विक उत्पादन कम होने का अनुमान

24-Apr-2026 06:39 PM

नई दिल्ली। एक तरफ 2025-26 के मुकाबले 2026-27 सीजन के दौरान गेहूं के वैश्विक उत्पादन में गिरावट आने की संभावना है तो दूसरी ओर इसके उपयोग में अच्छी बढ़ोत्तरी होने का अनुमान लगाया जा रहा है। इसके फलस्वरूप  वैश्विक बकाया स्टॉक में स्वाभाविक रूप से गिरावट आ जाएगी। 

अन्तर्राष्ट्रीय अनाज परिषद (आईजीसी) ने मार्च की अपनी रिपोर्ट में 2026-27 सीजन के दौरान गेहूं का कुल वैश्विक उत्पादन 82.20 करोड़ टन होने का अनुमान लगाया था जिसे अप्रैल की रिपोर्ट में 10 लाख टन घटाकर 82.10 करोड़ टन नियत कर दिया है।

हालांकि इस अवधि के लिए कौंसिल ने गेहूं के वैश्विक उपयोग का अनुमान भी 82.90 करोड़ टन से 40 लाख टन घटाकर 82.50 करोड़ टन निर्धारित किया है लेकिन फिर भी वह उत्पादन से 40 लाख टन ज्यादा है। गेहूं के वैश्विक बकाया स्टॉक का अनुमान मार्च रिपोर्ट के मुकाबले 80 लाख टन बढ़ाकर 28.40 करोड़ टन नियत किया गया है।

2025-26 सीजन के लिए आईजीसी ने गेहूं के उत्पादन अनुमान को 84.50 करोड़ टन के पिछले स्तर पर बरकरार रखा है मगर इसके वैश्विक उपयोग का अनुमान 60 लाख टन घटाकर 81.90 करोड़ टन नियत किया है।

दूसरी ओर इसका वैश्विक बकाया अधिशेष स्टॉक 28.90 करोड़ टन पर पहुंचने की संभावना व्यक्त की गई है जो पिछले अनुमान से 60 लाख टन ज्यादा है।

अनेक देशों में गेहूं के अगले उत्पादन में कमी आने की संभावना व्यक्त की गई है। समझा जाता है कि अल नीनो मौसम चक्र के कारण ऑस्ट्रेलिया, अर्जेन्टीना एवं ब्राजील जैसे देशों में गेहूं का उत्पादन प्रभावित हो सकता है।

इसी तरह कनाडा सहित कुछ अन्य देशों में किसानों को समुचित मात्रा में तथा उचित मूल्य पर रासायनिक उर्वरक पाने के लिए कठिन संघर्ष करना पड़ रहा है इसलिए वे ऐसी फसलों की बिजाई को प्राथमिकता दे सकते हैं जिसमें उर्वरक की कम जरूरत पड़ती है।