बांधों-जलाशयों में 90 प्रतिशत से कम पानी का भंडार

05-Dec-2025 11:08 AM

नई दिल्ली। देश के अधिकांश भागों में बारिश नहीं या नगण्य होने तथा लिवाली की प्रक्रिया जारी रहने से बांधों- जलाशयों में पानी का स्तर घटकर 90 प्रतिशत से नीचे आ गया है।

पिछले कुछ सप्ताहों से वह 90 प्रतिशत से नीचे ही चल रहा है। केन्द्रीय जल आयोग के नवीनतम साप्ताहिक आंकड़ों के मुताबिक देश के 166 प्रमुख बांधों- जलाशयों में फिलहाल 158.624 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीसीएम) पानी का स्टॉक मौजूद है जो उसकी कुल भंडारण क्षमता 183.565 बीसीएम का 86.41 प्रतिशत है।

फिर भी यह स्टॉक गत वर्ष की समान अवधि की तुलना में 7 प्रतिशत तथा 10 वर्षीय औसत के मुकाबले 27 प्रतिशत अधिक है। इसके फलस्वरूप रबी फसलों की बिजाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा।  

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के आंकड़ों से ज्ञात होता है कि पिछले सप्ताह सिर्फ दक्षिणी प्रायद्वीप को छोड़कर देश के अन्य भागों में वर्षा का अभाव रहा।

कुल मिलाकर राष्ट्रीय स्तर पर सामान्य औसत से 21 प्रतिशत कम बारिश हुई। वैसे दक्षिण-पश्चिम मानसून के बाद की अवधि में यानी 1 अक्टूबर से 3 दिसम्बर 2025 के दौरान देश में 23 प्रतिशत अधिशेष वर्षा हुई मगर उसमें अधिकांश योगदान दक्षिण भारत का रहा जहां उत्तर पूर्व मानसून की सक्रियता के कारण नियमित रूप से बारिश हो रही है।

मौसम विभाग के मुताबिक देश के 730 जिलों से वर्षा एवं तापमान आदि के आंकड़े जुटाए जाते हैं जिसमें से 17 प्रतिशत जिलों में वर्षा की कमी दर्ज की गई।

देश का पांचों संभागों में से केवल पश्चिमी क्षेत्र के बांधों- जलाशयों में अब भी पानी का भंडार 90 प्रतिशत से ऊपर बना हुआ है।

वहां के 53 जलाशयों में पानी की कुल भंडारण क्षमता 38.094 बीसीएम है जबकि उसमें 35.967 बीसीएम या 94 प्रतिशत जल का स्टॉक मौजूद है।

गोवा का एक मात्र जलाशय पानी से लबालब भरा हुआ है जबकि महाराष्ट्र के बांधों में 95 प्रतिशत एवं गुजरात के जलाशयों में 94 प्रतिशत पानी का भंडार उपलब्ध है।