बांधों-जलाशयों में पानी का स्तर 35 प्रतिशत से नीचे आया

15-May-2026 11:16 AM

नई दिल्ली। बारिश की कमी, बढ़ती गर्मी एवं नियमित निकासी के कारण देश भर के 166 प्रमुख बांधों-जलाशयों में पानी का स्टॉक घटकर उसकी कुल भंडारण क्षमता के 35 प्रतिशत से भी नीचे आ गया है। इसे कृषि क्षेत्र के लिए खतरे की घंटी माना जा रहा है क्योंकि खरीफ फसलों की बिजाई एवं प्रगति पर इसका असर पड़ सकता है। 

केन्द्रीय जल आयोग के नवीनतम साप्ताहिक आंकड़ों से पता चलता है कि 166 प्रमुख बांधों-जलाशयों में पानी का कुल स्टॉक घटकर 63,232 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीसीएम) रह गया है जो उसकी कुल भंडारण क्षमता 183.565 बीसीएम का 34.45 प्रतिशत है।

60 प्रतिशत से अधिक जलाशयों में पानी का स्तर 40 प्रतिशत से नीचे है। इसके बावजूद यह जल स्तर गत वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 13 प्रतिशत तथा दस वर्षीय औसत स्तर की तुलना में 24 प्रतिशत ज्यादा है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के आंकड़ों से ज्ञात होता है कि चालू वर्ष में 1 मार्च से 13 मई के दौरान देश के 725 जिलों में से 27 प्रतिशत जिलों में बारिश नहीं या नगण्य हुई। इससे पूर्व जनवरी-फरवरी 2026 के दौरान देश के कम से कम 70 प्रतिशत भाग में वर्षा का भारी अभाव रहा था। इसके फलस्वरूप बांधों में जल स्तर नियमित रूप से घटता जा रहा है।

अगले महीने से खरीफ फसलों की बिजाई औपचारिक तौर पर आरंभ होने वाली है जबकि मानसून-पूर्व की बारिश सामान्य से कम हुई है। खेतों की मिटटी में नमी का अभाव है और किसानों को दक्षिण-पश्चिम मानसून की वर्षा का ही सहारा है।