बांधों-जलशयों में पानी का स्तर घटकर 45 प्रतिशत पर आया
21-Mar-2025 11:54 AM
नई दिल्ली । केन्द्रीय जल आयोग के नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि देश के 155 प्रमुख बांधों- जलाशयों में पूरी क्षमता के सापेक्ष पानी का स्टॉक घटकर 45 प्रतिशत पर आ गया है और आधे जलाशयों में यह 50 प्रतिशत से नीचे है। इससे जायद फसलों की सिंचाई में गंभीर बाधा उत्पन्न होने की आशंका है।
आयोग के मुताबिक इन 755 जलाशयों की कुल भंडारण क्षमता 180.852 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीसीएम) है जबकि उसमें केवल 80.700 बीसीएम पानी का भंडार मौजूद है।
देश के कई भागों में तापमान ऊंचा होने एवं गर्मी बढ़ने से पिछले कुछ सप्ताहों के दौरान जलाशयों में पानी का स्टॉक काफी घट गया है। इसके बावजूद जलाशयों में पानी का कुल भंडार पिछले साल तथा 10 वर्षीय औसत से ज्यादा है।
आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक इन 155 जलाशयों में से 53 जलाशयों में पानी का भंडार इसकी पूरी क्षमता के 40 प्रतिशत से भी कम है जबकि 30 अन्य जलाशय में यह 50 प्रतिशत से नीचे है।
केवल झारखंड का संचेत हिल जलाशय तथा उड़ीसा का सपुड़ा जलाशय ही ऐसा है जो पानी से लबालब भरा हुआ है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार देश के जिन 713 जिलों से मौसम संबंधी आंकड़े जुटाए जाते हैं उसमें से करीब 80 प्रतिशत जिलों में 1 से 20 मार्च के दौरान वर्षा नहीं या नगण्य हुई।
इसी तरह देश के 60 प्रतिशत से अधिक भाग में शीतकाल (जनवरी-फरवरी) तथा मानसून के बाद (अक्टूबर-दिसम्बर) की अवधि के दौरान वर्षा का भारी अभाव देखा गया।
आयोग की साप्ताहिक रिपोर्ट से ज्ञात होता है कि उत्तरी क्षेत्र के कुल 11 जलाशयों में से 8 जलाशयों में 40 प्रतिशत से भी कम पानी बचा हुआ है।
चालू सप्ताह में इन 11 जलाशयों में केवल 5.044 बीसीएम पानी का भंडार मौजूद है जो कुल क्षमता 19.836 बीसीएम का महज 25 प्रतिशत है।
पानी का भंडार घटकर हिमाचल प्रदेश में 19 प्रतिशत, पंजाब में 21 प्रतिशत तथा राजस्थान में 44 प्रतिशत रह गया है। यदि इन राज्यों में मानसून-पूर्व की अच्छी बारिश नहीं हुई तो बांधों का जल स्तर घटकर और भी नीचे आ सकता है। इससे आगामी खरीफ फसलों की अगैती खेती करने में बाधा पड़ सकती है।
