बांधों-जलाशयों में पानी का स्तर घटकर 64 प्रतिशत पर आया

13-Feb-2026 11:49 AM

नई दिल्ली। बारिश की कमी एवं नियमित निकासी के कारण बांधों-जलाशयों में पानी का स्तर लगातार घटता जा रहा है जो चिंता का विषय है। केन्द्रीय जल आयोग के आंकड़ों से पता चलता है कि देश के 166 प्रमुख बांधों-जलाशयों में पानी का स्तर घटकर उसकी कुल भंडारण क्षमता के 64 प्रतिशत पर आ गया है।

इन 166 जलाशयों में पानी की कुल भंडराण क्षमता 183.565 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीसीएम)की है जबकि उसमे फिलहाल 118.140 बीसीएम पानी का ही स्टॉक उपलब्ध है। वैसे यह स्टॉक गत वर्ष की समान अवधि की तुलना में 10 प्रतिशत बिंदु और दस वर्षीय औसत के मुकाबले 25 प्रतिशत बिंदु ऊंचा है।

आयोग की रिपोर्ट के अनुसार देश के 4 जलाशय पानी से पूरी तरह भरे हुए हैं जबकि 11 जलाशयों में 90 प्रतिशत से ज्यादा तथा 32 जलाशयों में 80 प्रतिशत से अधिक पानी का स्टॉक मौजूद है। दूसरी ओर 30 बांधों में जल स्तर घटकर 50 प्रतिशत से नीचे आ गया है।

देश के कुल पांच संभागों में से चार संभागों के बांधों में जल स्तर 70 प्रतिशत से नीचे है जिससे फसलों की सिंचाई के प्रति चिंता बढ़ती जा रही है। केवल पश्चिमी संभाग के जलाशयों में भडारण क्षमता के मुकाबले 75 प्रतिशत पानी का स्टॉक मौजूद है। 

इस वर्ष मानसून सीजन के दौरान अल नीनो मौसम चक्र सक्रिय रहने का अनुमान लगाया जा रहा है जिससे वर्षा प्रभावित हो सकती है। अनेक क्षेत्रों में तापमान बढ़ने लगा है जबकि आगामी महीनों के दौरान इसमें और भी इजाफा होने की प्रबल संभावना है।

यदि बारिश का अभाव रहा तो बांधों-जलाशयों में पानी का स्टॉक और भी घटकर चिंताजनक स्तर तक नीचे आ सकता है। फरवरी में सामान्य या इससे कम वर्षा होने की संभावना व्यक्त की गई है।