बांधों-जलाशयों में पानी का स्तर और भी घटने की संभावना

06-Feb-2026 07:42 PM

नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्तर पर बांधों-जलाशयों में उसकी कुल भंडारण क्षमता के मुकाबले पानी का स्तर पहले ही घटकर 67 प्रतिशत के आसपास रह गया है जबकि आगामी समय के दौरान इसमें और भी गिरावट आने की संभावना है।

दरअसल मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक देश के किसी भी भाग में मूसलाधार बारिश होने की संभावना व्यक्त नहीं की है इसलिए नियमित निकासी जारी रहने पर बांधों में जल स्तर स्वाभाविक रूप से घट जाएगा।

फिलहाल देश के पश्चिमी  जोन के बांधों-जलाशयों में अन्य क्षेत्रों के मुकाबले जलस्तर सबसे ऊंचा है लेकिन फिर भी यह 80 प्रतिशत से नीचे ही है इस क्षेत्र में मौजूदा कुल 53 प्रमुख बांधों में 29.736 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीसीएम) पानी का स्टॉक उपलब्ध है जो उसकी कुल भंडारण क्षमता 38,094 बीसीएम का 78.60 प्रतिशत है।

केवल गोवा के एक मात्र जलाशय में 80 प्रतिशत से नीचे आ गया है। हकीकत तो यह है कि सिर्फ गोवा, छत्तीसगढ़ एवं मेघालय के एक जलाशय में भडारण क्षमता के सापेक्ष 80 से 100 प्रतिशत के बीच पानी का स्टॉक उपलब्ध है जबकि शेष राज्यों के बांधों का जल स्तर 80 प्रतिशत या उससे नीचे है।

पूर्वी क्षेत्र के बांधों में 64.3 प्रतिशत तथा मध्यवर्ती क्षेत्र के जलाशयों में 69 प्रतिशत पानी का स्टॉक बताया जा रहा है जबकि उत्तरी क्षेत्र के 11 जलाशयों में 12.29 बीसीएम पानी का स्टॉक है जो कुल भंडारण क्षमता 19.836 बीसीएम का 62 प्रतिशत है।