चिली से अखरोट का कुल शिपमेंट बढ़ा मगर भारत में निर्यात घटा

02-Dec-2025 04:10 PM

सेंटियागो। दक्षिण अमरीका महाद्वीप में अवस्थित देश- चिली के अखरोट की वैश्विक मांग आमतौर पर मजबूत बनी हुई है लेकिन भारत में इसका निर्यात कुछ घटने के संकेत मिल रहे हैं।

छिलका युक्त अखरोट (साबुत रूप में) का अच्छा कारोबार हो रहा है और यूरोपीय संघ के देश उसकी खरीद में गहरी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। अक्टूबर का महीना चिली से अखरोट के निर्यात के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हुआ। 

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अक्टूबर 2024 के मुकाबले अक्टूबर 2025 के दौरान चिली से छिलका युक्त अखरोट का निर्यात 35 प्रतिशत बढ़कर 9123  टन तथा छिलका रहित अखरोट का शिपमेंट 55 प्रतिशत उछलकर 5603 टन पर पहुंच गया।

चालू मार्केटिंग सीजन के शुरुआती आठ महीनों में यानी मार्च-अक्टूबर 2025 के दौरान छिलका युक्त अखरोट के निर्यात में 29 प्रतिशत का जोरदार इजाफा दर्ज किया गया। 

हालांकि भारत चिली के अखरोट का एक अग्रणी खरीदार देश माना जाता है लेकिन वहां इसके निर्यात में 11 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। आमतौर पर एशिया तथा ओसियाना क्षेत्र में चिली से अखरोट का निर्यात प्रदर्शन कुछ कमजोर रहा और चालू सीजन में वहां इसका शिपमेंट करीब 10 प्रतिशत घट गया।

दूसरी ओर इसी अवधि में तुर्की को निर्यात 63 प्रतिशत बढ़ गया है जबकि संयुक्त अरब अमीरात को होने वाले निर्यात में दस गुणा से भी अधिक का शानदार  इजाफ हो गया।

दरअसल मध्य पूर्व एशिया तथा अफ्रीका में चिली के अखरोट का निर्यात चालू मार्केटिंग सीजन में 100 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 32,785 टन के शीर्ष स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह यूरोप को होने वाला निर्यात भी 33 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 22,640 टन पर पहुंचा। दूसरी ओर भारत में निर्यात वर्ष 2024 के 30,651 टन से 11.4 प्रतिशत गिरकर 2025 में 27,155 टन पर अटक गया। 

मार्च-अक्टूबर 2025 के आठ महीनों में चिली से कुल मिलाकर 86,215 टन अखरोट का निर्यत हुआ जो वर्ष 2024 के इन्हीं महीनों के सकल शिपमेंट 67,010  टन से 28.7 प्रतिशत अधिक रहा। भारत की भांति लिथुआनिया में भी अखरोट का निर्यात घट गया।