चीनी आयातकों के लिए कोटा सरेंडर करने की समय सीमा बढ़ी
16-Sep-2026 12:18 PM
नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने इस वर्ष टैरिफ रेट कोटा (टीआरक्यू) प्रणाली के अनर्गत 10 लाख टन कच्ची चीनी (रॉ शुगर) के आयात की अनुमति मिलर्स / रिफाइनर्स को दी थी और उसे इसकी अधिकांश मात्रा का आवंटन भी कर दिया था। लेकिन कई मिलें अब इसके आयात की इच्छुक नहीं हैं।
इसे देखते हुए विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने चीनी आयातकों के लिए कोटा सरेंडर करने (सरकार को वापस लौटाने) की समय सीमा को 30 सितम्बर तक बढ़ा दिया है।
टीआरक्यू के तहत 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क मुक्त आयात की स्वीकृति प्रदान की गई थी। डीजीएफटी ने कहा है कि जो आयातक अभी तक कोटे का उपयोग नहीं कर पाए हैं और आगे भी इस्तेमाल नहीं करना चाहते हैं वे अपने आवंटित कोटे को 30 सितम्बर तक वापस लौटा सकते हैं।
यदि आयातकों के कोटे का कुछ भाग भी बाकी रह गया है तो उसे वापस लौटाया जा सकता है। इसके लिए आयातकों को कुछ राशि का भुगतान करना पड़ेगा। यह राशि आवंटित कोटे वाली चीनी के मूल्य, निर्यात खर्च (शिपमेंट चार्ज) एवं बीमा व्यय की अनुमानित रकम का 0.5 प्रतिशत होगी।
उल्लेखनीय है कि सरकार द्वारा 10 लाख टन कच्ची चीनी के आयात की स्वीकृति देने के लिए जो अधिसूचना जारी की गई थी उसमें इस बात का जिक्र था कि कोटा लौटाने की स्थिति में आयातकों को कुछ राशि का भुगतान करना आवश्यक होगा।
अगले महीने से देश में गन्ना की क्रशिंग आरंभ होने वाली है जबकि वैश्विक बाजार में चीनी का भाव ऊंचा और मजबूत होने लगा है इसलिए कुछ मिलर्स अपने कोटे को सरेंडर करना चाहते हैं।
