चीनी का फ्री सेल कोटा उत्तर प्रदेश में घटा मगर महाराष्ट्र एवं कर्नाटक में बढ़ा
29-Nov-2025 12:07 PM
नई दिल्ली। केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय ने दिसम्बर 2025 के दौरान घरेलू प्रभाग में बेचने के लिए समूचे देश के मिलर्स के वास्ते 22 लाख टन चीनी का फ्री सेल कोटा निर्धारित किया है जो नवम्बर 2025 के लिए नियत कोटा 20 लाख टन से 2 लाख टन या 10 प्रतिशत ज्यादा मगर दिसम्बर 2024 के कोटा 22 लाख टन के बराबर है।
नवम्बर की तुलना में दिसम्बर के लिए चीनी के फ्री सेल कोटे में उत्तर प्रदेश में कटौती की गई है जबकि महाराष्ट्र और कर्नाटक में कोटा बढ़ाया गया है।
खाद्य मंत्रालय के आंकड़ों से ज्ञात होता है कि महाराष्ट्र के लिए चीनी का कोटा बढ़ाकर 7.63 लाख टन एवं कर्नाटक के लिए 4.24 लाख टन निर्धारित किया है जो नवम्बर की तुलना में काफी ऊंचा है लेकिन उत्तर प्रदेश के लिए कोटा करीब 30 प्रतिशत घटाकर 6.57 लाख टन के करीब नियत किया गया है।
उसके अलावा मध्य प्रदेश, पंजाब तथा तमिलनाडु जैसे राज्यों के लिए भी चीनी के फ्री सेल कोटे में काफी कटौती की गई है।
इसके तहत मध्य प्रदेश का कोटा 37 प्रतिशत घटाकर 40,208 टन, पंजाब का कोटा 11 प्रतिशत घटाकर 41,041 टन और तमिलनाडु का कोटा 64 प्रतिशत घटाकर 32,282 टन नियत किया गया है। इससे वहां चीनी की आपूर्ति में कमी आ सकती है।
खाद्य मंत्रालय का कहना है कि सितम्बर तिमाही के दौरान बेची गई चीनी की अधिशेष मात्रा के कारण इन राज्यों के दिसम्बर कोटे में कटौती की गई है। केन्द्र सरकार के नियम के अनुसार सभी चीनी मिलों को अपने नियत कोटे के अनुरूप ही स्टॉक की बिक्री करनी है
और यदि कोई मिल इससे ज्यादा की बिक्री करती है तो उसके आगामी कोटे में उतनी कटौती कर दी जाएगी। इसके अलावा सभी इकाइयों को जूट पैकेजिंग मैटीरियल्स / कम्पल्सरी यूज ऑफ पैकिंग कमोडिटीज) एक्ट, 1987 के अंतर्गत कम से कम 20 प्रतिशत चीनी की पैकिंग जूट बोरियों में करना अनिवार्य है।
व्यापार विश्लेषकों के अनुसार महाराष्ट्र और कर्नाटक के मिलर्स को नए कोटे से विशेष फायदा होगा क्योंकि अन्य अभावग्रस्त राज्यों में ज्यादा मात्रा में चीनी भेजने में सहायता मिलेगी।
इसके फलस्वरूप कीमतों में मजबूती आ सकती है। उत्तर प्रदेश के मिलर्स की चुनौती घट जाएगी। आमतौर पर चीनी का भाव मजबूत रहने के आसार हैं।
