चीनी का घरेलू उत्पादन घटकर 280 लाख टन पर सिमटने का अनुमान

17-Dec-2024 08:12 PM

नई दिल्ली । नेशनल फेडरेशन ऑफ को ऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज ने गन्ना की कम उपलब्धता एवं रिकवरी दर में आ रही कमी को देखते हुए चीनी का कुल घरेलू उत्पादन 2023-24 सीजन के 319 लाख टन से 39 लाख टन घटकर 2024-25 के सीजन में 280 लाख टन पर सिमट जाने का अनुमान लगाया है। इसके आरंभिक संकेत भी मिल रहे हैं।

इस वर्ष 1 अक्टूबर से 15 दिसम्बर 2024 को ढाई माह में केवल 60.85 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ जो पिछले साल की इसी अवधि के उत्पादन 74.20 लाख टन से 13.35 लाख टन कम रहा। 

फेडरेशन के अनुसार 2023-24 सीजन के मुकाबले 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन के दौरान चीनी का उत्पादन उत्तर प्रदेश में 103.65 लाख टन से घटकर 98 लाख टन, महाराष्ट्र में 110.20 लाख टन से लुढ़ककर 87 लाख टन तथा कर्नाटक में 53 लाख टन से गिरकर 45 लाख टन रह जाने की संभावना है।

इसी तरह तमिलनाडु में चीनी का उत्पादन 10.75 लाख टन से घटकर 8.50 लाख टन तथा गुजरात में 9.20 लाख टन से फिसलकर 9 लाख टन पर अटक सकता है। 

इसके अलावा फेडरेशन ने 2024-25 के चालू मार्केटिंग सीजन के दौरान बिहार में 6.50 लाख टन, हरियाणा में 6 लाख टन, मध्य प्रदेश में 5 लाख टन, पंजाब में 6 लाख टन, आंध्र प्रदेश में 1.50 लाख टन, तेलंगाना में भी 1.50 लाख टन तथा उत्तराखंड में 4.50 लाख टन चीनी के उत्पादन का अनुमान लगाया है जबकि देश के अन्य राज्यों में 1.50 लाख टन के उत्पादन की संभावना व्यक्त की है।

चीनी के कुल घरेलू उत्पादन में तीन शीर्ष उत्पादक राज्यों- महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश एवं कर्नाटक की संयुक्त भागीदारी 2023-24 सीजन के 83.65 प्रतिशत से घटकर 2024-25 के सीजन में 82.14 प्रतिशत रह जाने की संभावना है। महाराष्ट्र को पीछे छोड़कर उत्तर प्रदेश इस बार देश में चीनी का सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य बन सकता है।