चीन की कमजोर मांग से जीरा का निर्यात प्रभावित

29-Nov-2025 05:17 PM

मुम्बई। चालू वित्त वर्ष के दौरान भारत से जीरा के निर्यात में कमी आने के संकेत मिल रहे है क्योंकि दो प्रमुख आयातक- चीन और बांग्ला देश में इसकी मांग कमजोर देखी जा रही है।

चीन में घरेलू उत्पादन बेहतर होने से भारतीय जीरे के आयात की जरूरत घट गई है जबकि बांग्ला देश में राजनैतिक अस्थिरता को देखते हुए भारतीय निर्यातक वहां जीरा भेजने में कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। 

एक अग्रणी संस्था- फेडरेशन ऑफ इंडियन स्पाइस स्टैक होल्डर्स (फिस्स) का कहना है कि बेहतर घरेलू उत्पादन के कारण चीन में जीरा का भाव घटकर भारतीय जीरा के सापेक्ष 200-250 डॉलर प्रति टन नीचे आ गया है इसलिए उसके आयातक अब शांत हो गए हैं।

उल्लेखनीय है कि चीन परम्परागत रूप से भारतीय जीरे का सबसे प्रमुख खरीदार रहा है लेकिन इस वर्ष इसने भारत से 10 हजार टन से ज्यादा जीरा नहीं मंगाया है। इससे भारतीय जीरे के कुल निर्यात  पर असर पड़ रहा है। इधर बांग्ला देश के हालात भी अच्छे नहीं हैं। 

मसाला बोर्ड के अनुसार चालू वित्त वर्ष के शुरूआती पांच महीनों में भारत से कुल 92,810 टन जीरा का निर्यात हुआ जो गत वर्ष की समान अवधि के शिपमेंट 1,11,532 टन से 17 प्रतिशत कम था।

इसी तरह जीरे की निर्यात आमदनी भी 36.757 करोड़ डॉलर से घटकर 25.710 करोड़ डॉलर पर अटक गई। कुल मिलाकर 2024-25 की तुलना में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान जीरा के निर्यात में 15-20 प्रतिशत की गिरावट आने की संभावना है जिससे इसके बकाया स्टॉक में वृद्धि होगी और कीमतों पर दबाव पड़ेगा।

जीरे की बिजाई पर इसका असर पड़ सकता है और गुजरात तथा राजस्थान के जीरा उत्पादक अन्य फसलों की खेती को प्राथमिकता दे सकते हैं।