चना पर निकट भविष्य में आयात शुल्क बढ़ने की संभावना नहीं

04-Dec-2025 01:10 PM

नई दिल्ली। सरकारी अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल चना के आयात शुल्क में बढ़ोत्तरी के किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं किया जा रहा है जबकि बाजार में ऐसी चर्चा हो रही है कि रबी सीजन के इस सबसे प्रमुख दलहन के आयात पर सीमा शुल्क में भारी इजाफा किया जा सकता है

ताकि आगामी महीनों में किसानों को बेहतर वापसी हासिल हो सके। आमतौर पर बाजार में चर्चा है कि सरकार पीली मटर की भांति देसी चना पर भी आयात शुल्क को बढ़ाकर 30 प्रतिशत नियत करने पर विचार कर रही है। फिलहाल इस पर 10 प्रतिशत का शुल्क लगा हुआ है। 

आधिकारिक सूत्रों ने बाजार में हो रही चर्चा को खारिज करते हुए कहा है कि अभी सीमा शुल्क बढ़ाने के बारे में कोई विचार-विमर्श नहीं हो रहा है।

बाजार में फैलाई जा रही अफवाह सचमुच समझ से परे है। फिलहाल देसी चना पर 10 प्रतिशत का आयात शुल्क लगा हुआ है जो 31 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगा। 

दरअसल घरेलू प्रभाग में आपूर्ति एवं उपलब्धता की सुगम स्थिति तथा कमजोर कीमत को देखते हुए दाल मिलर्स और व्यापारी चना के बारे में सरकारी नीति के रिस्पांस पर गहरी नजर रख रहे हैं। चना के बिजाई क्षेत्र में भी इस बार बढ़ोत्तरी होने की संभावना बहुत कम है।

ऑस्ट्रेलिया से इसका आयात निरन्तर जारी है और वहां चना का दाम भी घटकर नीचे आ गया है। वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान भारत में लगभग 16 लाख टन चना का रिकॉर्ड आयात किया गया जिसमें से 14 लाख टन से अधिक का आयात केवल ऑस्ट्रेलिया से हुआ। शेष चना अफ्रीका आदि से मंगाया गया। 

घरेलू प्रभाग में आपूर्ति की स्थिति बेहतर होने से ऑस्ट्रेलियाई चना के आयात की रफ्तार हाल के महीनों में धीमी पड़ गई है।

ऑस्ट्रेलिया में नए चने की जोरदार आवक हो रही है इसलिए आगामी महीनों के दौरान भारत में इसका आयात बढ़ सकता है।

इंदौर मंडी में स्वदेशी चना का भाव 5700-5800 रुपए चल रहा है। नीचे दाम पर इसमें खरीदारों की थोड़ी-बहुत मांग निकल रही है। चना की बिजाई भी प्रमुख उत्पादक राज्यों में जारी है।