चिनाब का पानी रुकने से पाकिस्तान में फसलों की बिजाई पर संकट

04-Jun-2025 12:32 PM

नई दिल्ली। भारत से पंगा लेना पाकिस्तान को काफी महंगा पड़ने लगा है। उसके दो प्रमुख बांधों-जलाशयों में पानी का भंडार घटकर काफी कम रह गया है जिससे वहां खरीफ फसलों की बिजाई की गति बहुत धीमी पड़ गई है।

झेलम नदी पर बना मंगला बांध और सिंधु नदी पर निर्मित तरबेला डैम में जल स्तर घटकर काफी नीचे चला गया है। इसके अलावा चिनाब नदी के जल प्रवाह की रफ्तार अचानक बहुत धीमी हो गई है क्योंकि भारत ने इस जल-प्रवाह को नियंत्रित करना शुरू कर दिया है। इससे पाकिस्तान में हाहाकार मचा हुआ है। 

पाकिस्तान में खरीफ फसलों की बिजाई का सीजन आरंभ हो गया है लेकिन खेतों की सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध नहीं है। पाकिस्तान की सरकार और जनता बेहद परेशान है। भारत पर दबाव डलवाने के लिए पाकिस्तान का एक प्रतिनिधिमंडल अमरीका गया।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने ताजिकिस्तान में आयोजित एक कांफ्रेंस में इस मुद्दे पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सिंधु जल समझौते को स्थगित करने के भारत सरकार के निर्णय की ओर वैश्विक नेताओं का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास भी किया। वैसे उन्हें अच्छी तरह पता है कि भारत सरकार किसी अन्य देश के दबाव के आगे झुकने वाली नहीं है। 

पाकिस्तान के इंडस रिवर सिस्टम ऑथोरिटी के आंकड़ों से पता चलता है कि देश को पहले से ही जल प्रवाह में कुल मिलाकर 21 प्रतिशत की कमी का सामना करना पड़ रहा है जबकि उपरोक्त दोनों बांधों में पानी का भंडार 50 प्रतिशत घट गया है।

पाकिस्तान के दोनों प्रमुख कृषि उत्पादक राज्यों- पंजाब तथा सिंध में इन बांधों का पानी कृषि उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इससे वहां पन बिजली (हाइड्रो पॉवर) का भी निर्माण होता है।