चावल का निर्यात बढ़कर 198 लाख टन से ऊपर पहुंचा
02-Apr-2025 10:59 AM
नई दिल्ली। आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान 1 अप्रैल 2024 से 25 मार्च 2025 के बीच भारत से चावल का कुल निर्यात बढ़कर 198.65 लाख टन पर पहुंच गया जो वित्त वर्ष 2023-24 की सम्पूर्ण अवधि के शिपमेंट 163.58 लाख टन से लगभग 35 लाख टन ज्यादा है।
इसमें 7.95 लाख टन टूटे चावल का निर्यात भी शामिल है जिसके शिपमेंट की अनुमति 7 मार्च 2025 को दी गई थी। 100 प्रतिशत टूटे चावल का उपयोग मानवीय खाद्य उद्देश्य के साथ-साथ एथनॉल निर्माण में भी किया जाता है।
केन्द्रीय खाद्य राज्य मंत्री के अनुसार सरकार देश में तमाम कृषि उत्पादों के उत्पादन आयात / निर्यात, स्टॉक एवं उपलब्धता पर गहरी नजर रख रही है और उत्पादकों, उपभोक्ताओं एवं उद्यमियों के हितों में संतुलन बनाए रखने का प्रयास कर रही है।
देश के अंदर खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए सरकार आवश्यकता के अनुरूप नीतिगत हस्तक्षेप करती रहती है।
उपलब्ध आंकड़ों से पता चलता है कि 1 अप्रैल 2024 से 25 मार्च 2025 के दौरान देश से जो कुल 198.65 लाख टन चावल का निर्यात हुआ उसमें 59.44 लाख टन बासमती चावल, 90.44 लाख टन गैर बासमती सेला चावल, 33.23 लाख टन गैर बासमती सफेद चावल, 7.95 लाख टन टुकड़ी चावल तथा 7.59 लाख टन अन्य किस्मों के चावल की मात्रा शामिल है।
वित्त वर्ष 2023-24 की सम्पूर्ण अवधि में यानी 1 अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2024 के दौरान भारत से 54.90 लाख टन बासमती चावल, 75.70 लाख टन गैर बासमती सेला चावल, 23.60 लाख टन गैर बासमती सफेद चावल, 5.49 लाख टन टुकड़ी चावल तथा 6.36 लाख टन अन्य किस्मों के चावल के साथ कुल 163.58 लाख टन चावल का निर्यात हुआ था।
हालांकि वित्त वर्ष 2023-24 के अधिकांश दिनों तक सफेद चावल एवं 100 प्रतिशत टूटे चावल के व्यापारिक निर्यात पर प्रतिबंद लगा रहा मगर सरकारी तौर पर इसका शिपमेंट जारी था। अब सभी किस्मों तक श्रेणियों के चावल का निर्यात होने लगा है।
