चावल की सरकारी खरीद 194 लाख टन से ऊपर पहुंची

03-Dec-2025 11:03 AM

नई दिल्ली। हालांकि पंजाब और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में चावल की खरीद अपेक्षाकृत कम हुई है लेकिन तेलंगाना, तमिलनाडु एवं आंध्र प्रदेश की ऊंची खरीद से उसकी भरपाई हो गई।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार चालू खरीफ मार्केटिंग सीजन में शुरूआती दो महीनों में यानी अक्टूबर-नवम्बर 2025 के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर चावल (क्स्तुतः इसके समतुल्य धान) की कुल खरीद बढ़कर 194.14 लाख टन पर पहुंच गई जो पिछले साल की समान अवधि में हुई खरीद 172.24 लाख टन से 12.7 प्रतिशत अधिक रही। 

इस वर्ष पंजाब- हरियाणा में धान की आवक जल्दी शुरू होने से वहां इसकी सरकारी खरीद भी मध्य सितम्बर से ही आरंभ हो गई जबकि तमिलनाडु में 1 सितम्बर से ही धान की खरीद हो रही थी।

केन्द्रीय पूल में खाद्यान्न का सर्वाधिक योगदान देने वाले राज्य- पंजाब में इस बार चावल की सरकारी खरीद 104.80 लाख टन तक ही पहुंच सकी जो पिछले साल की खरीद 109.17 लाख टन से करीब 4 प्रतिशत कम रही।

दूसरी ओर हरियाणा में चावल की खरीद पिछले साल के 27.58 लाख टन से 30.4 प्रतिशत उछलकर इस बार 35.96 लाख टन पर पहुंच गई।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इन आंकड़ों में आगे बदलाव किया जा सकता है क्योंकि 2024-25 के सम्पूर्ण मार्केटिंग सीजन के दौरान पंजाब में कुल 116.13 लाख टन तथा हरियाणा में 36.17 लाख टन चावल खरीदा गया था। 

केन्द्र सरकार ने 2025-26 के खरीफ मार्केटिंग सीजन के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर कुल 463.49 लाख टन चावल खरीदने का लक्ष्य रखा है जिसमें पंजाब में 116 लाख टन तथा हरियाणा में 36 लाख टन की खरीद का लक्ष्य भी शामिल है।

2024-25 के सम्पूर्ण खरीफ मार्केटिंग सीजन के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर कुल 545.22 लाख टन चावल खरीदा गया था। 

पिछले साल की तुलना में चालू खरीफ मार्केटिंग सीजन के दौरान चावल की सरकारी खरीद उत्तर प्रदेश में 7.45 लाख टन से करीब 19 प्रतिशत गिरकर 6.05 लाख टन तथा छत्तीसगढ़ में 6.77 लाख टन से गिरकर 6.63 लाख टन रह गई। छत्तीसगढ़ में 1 नवम्बर 2025 से खरीद आरंभ हुई है जो 31 जनवरी 2026 तक जारी रहेगी। 

दूसरी ओर तेलंगाना, आंध्र प्रदेश एवं तमिलनाडु जैसे दक्षिणी राज्यों में धान-चावल की सरकारी खरीद में अच्छी बढ़ोत्तरी देखी जा रही है।

पश्चिम बंगाल में भी 2.93 लाख टन चावल खरीदा गया है जबकि पिछले साल इस समय तक वहां खरीद शुरू भी नहीं हुई थी।