चावल का उत्पादन नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने का अनुमान

11-Mar-2025 11:47 AM

नई दिल्ली। खरीफ सीजन के दौरान क्षेत्रफल में काफी बढ़ोत्तरी होने तथा दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन के दौरान प्रमुख उत्पादक इलाकों में भरपूर बारिश होने से धान-चावल के उत्पादन में इजाफा होने का अनुमान पहले से लगाया जा रहा था जबकि अब केन्द्र सरकार ने भी इस पर अपनी मुहर लगा दी है। 

केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने अपने दूसरे अग्रिम अनुमान में 2024-25 के खरीफ सीजन में चावल का घरेलू उत्पादन बढ़कर 1206.79 लाख टन के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने की संभावना व्यक्त की है जो 2023-24 के खरीफ कालीन उत्पादन 1132.59 लाख टन से 74.20 लाख टन ज्यादा है।

इसके अलावा चालू रबी सीजन में 157.58 लाख टन चावल के उत्पादन का अनुमान लगाया गया है। इस तरह खरीफ एवं रबी सीजन के दौरान चावल का सकल घरेलू उत्पादन बढ़कर 1364.37 लाख टन के शीर्ष स्तर पर पहुंचने की उम्मीद है। 

सरकारी गोदामों में पहले से ही चावल का विशाल स्टॉक मौजूद है। खरीफ कालीन धान की खरीद का सीजन 31 मार्च को औपचारिक तौर पर समाप्त हो जाएगा और 1 अप्रैल 2025 में रबी कालीन धान की खरीद का सीजन आरंभ होगा।

भारतीय खाद्य निगम द्वारा खरीफ सीजन में विशाल मात्रा में धान खरीदा गया और इसकी कस्टम मिलिंग से उसे चावल की नियमित आपूर्ति भी हो रही है।

अत्यन्त विशाल स्टॉक के कारण सरकार का खर्च बढ़ गया है इसलिए वह इसे घटाने का हर संभव प्रयास कर रही है। चावल की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम बनी हुई है और कीमतों में भी काफी हद तक स्थिरता देखी जा रही है। सरकार द्वारा 100 प्रतिशत टूटे चावल के निर्यात पर लगे प्रतिबंध को हटाने पर विचार किया जा रहा है।