चावल के वैश्विक बाजार में तेजी आने की संभावना कम
29-Nov-2025 11:20 AM
हैदराबाद। हालांकि पिछले कुछ दिनों के अंदर चावल के वैश्विक बाजार मूल्य में थोड़ा सुधार आया है लेकिन निर्यातक इसे स्थायी नहीं मान रहे हैं। व्यापार विश्लेषकों का कहना है कि चावल की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम होने तथा आयातक देशों में मांग कमजोर रहने से आगामी समय में कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।
वियतनाम एवं इंडोनेशिया के साथ-साथ कुछ अन्य देशों (श्रीलंका भी शामिल) में अत्यन्त मूसलाधार वर्षा, आंधी-तूफान तथा भयंकर बाढ़ के प्रकोप की वजह से चावल बाजार में थोड़ी मजबूती आई थी।
दरअसल एक अग्रणी खरीदार देश- फिलीपींस में 31 दिसम्बर 2025 तक चावल के आयात पर प्रतिबंध लगा रहेगा जिससे वियतनाम के निर्यातकों को नए-नए बाजारों की तलाश करनी पड़ रही है।
ज्ञात हो कि वियतनाम से चावल का सर्वाधिक निर्यात फिलीपींस को ही होता रहा है। वैश्विक बाजार में निर्यातक देशों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ती जा रही है।
भारतीय गैर बासमती चावल का निर्यात ऑफर मूल्य थाईलैंड- वियतनाम की तुलना में काफी नीचे मगर पाकिस्तान से कुछ ऊपर चल रहा है।
बांग्ला देश ने पाकिस्तान से एक लाख टन चावल मंगाने का निर्णय लिया है और पाकिस्तान ने इसके शिपमेंट की तैयारी भी शुरू कर दी है।
भारतीय गैर बासमती चावल का निर्यात प्रदर्शन चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में कुछ कमजोर रहा। अफ्रीकी देशों में इसकी अपेक्षित मांग नहीं देखी जा रही है। भारत में चावल का उत्पादन बढ़कर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।
