चावल के वैश्विक बाजार पर भारत का दबदबा कायम
23-Jun-2026 11:42 AM
हैदराबाद। हालांकि पश्चिमी एशिया में जारी संकट के कारण युद्ध जोखिम सरचार्ज में वृद्धि होने, शिपमेंट में बढ़ा पड़ने तथा मध्य पूर्व में तनाव की स्थिति रहने से वैश्विक चावल कारोबार के स्वरूप में कुछ बदलाव आया है लेकिन कुछ ख़ास विशेषताओं की वजह से भारत को सबसे प्रमुख चावल निर्यातक देश का अपना स्थान बरकरार रखने में कोई कठिनाई नहीं हो रही है एक तो भारतीय चावल का मूल्य प्रतिस्पर्धी स्तर पर रहता है तथा यहां चावल का अत्यंत विशाल निर्यात योग्य अधिशेष स्टॉक भी उपलब्ध रहता है और दूसरे चावल निर्यात के लिए मजबूत ढांचा तथा स्थायी बाजार भी है अफ्रीका के अनेक देश भारत से चावल के आयात को विशेष प्राथमिकता देते है जहां मुख्यतः सामान्य श्रेणी के गैर बसंती चावल किया जाता है।
दूसरी ओर पश्चिम एशिया, मध्य पूर्व एवं खाड़ी क्षेत्र के देशो में भारतीय बासमती चावल का आयात बड़े पैमाने पर किया जाता है ईरान युद्ध के कारण इसके निर्यात में कुछ समस्या उतपन्न हुई लेकिन फिर भी भारत से कुल समस्या उत्पन्न हुइ लेकिन फिर भी भारत से कुल मिलाकर चावल को निर्यात प्रदर्शन संतोषजनक है।
