News Capsule/न्यूज कैप्सूल: कमजोर मानसून से बैंकों के कृषि ऋण पोर्टफोलियो पर बढ़ी चिंता ★ एल नीनो के कारण कमजोर मानसून, धीमी वर्षा प्रगति और खरीफ बुवाई में संभावित देरी ने बैंकों के कृषि ऋण पोर्टफोलियो को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। पिछले वित्त वर्ष में बैंकों का कृषि क्षेत्र में सकल एनपीए (GNPA) लगभग ₹1 लाख करोड़ तक पहुंच गया था और विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वर्षा की कमी लंबी चली तो FY27 की दूसरी छमाही में कृषि ऋणों में डिफॉल्ट बढ़ सकता है। ★ क्रिसिल इंटेलिजेंस के अनुसार वर्षा आधारित क्षेत्रों और छोटे किसानों पर इसका असर सबसे अधिक पड़ सकता है, क्योंकि उनकी आय सीधे फसल उत्पादन पर निर्भर करती है। खरीफ फसल की कटाई के बाद कृषि ऋणों पर दबाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे सकता है। ★ हालांकि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, फसल बीमा कवरेज और किसानों की आय के विविध स्रोतों के कारण स्थिति पिछले एल नीनो वर्षों की तुलना में बेहतर रह सकती है। बेहतर जलाशय स्तर और कम अवधि वाली फसलों को अपनाने से भी जोखिम कुछ हद तक कम हो सकता है। ★ भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 22 जून तक देश में वर्षा सामान्य से 46% कम रही है, जबकि कृषि मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि एल नीनो का खरीफ मौसम के दौरान 12 राज्यों पर अपेक्षाकृत गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। इससे कृषि उत्पादन, ग्रामीण आय और बैंकिंग क्षेत्र की परिसंपत्ति गुणवत्ता पर दबाव बढ़ने की आशंका है।
23-Jun-2026 12:38 PM
News Capsule/न्यूज कैप्सूल: कमजोर मानसून से बैंकों के कृषि ऋण पोर्टफोलियो पर बढ़ी चिंता
★ एल नीनो के कारण कमजोर मानसून, धीमी वर्षा प्रगति और खरीफ बुवाई में संभावित देरी ने बैंकों के कृषि ऋण पोर्टफोलियो को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। पिछले वित्त वर्ष में बैंकों का कृषि क्षेत्र में सकल एनपीए (GNPA) लगभग ₹1 लाख करोड़ तक पहुंच गया था और विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वर्षा की कमी लंबी चली तो FY27 की दूसरी छमाही में कृषि ऋणों में डिफॉल्ट बढ़ सकता है।
★ क्रिसिल इंटेलिजेंस के अनुसार वर्षा आधारित क्षेत्रों और छोटे किसानों पर इसका असर सबसे अधिक पड़ सकता है, क्योंकि उनकी आय सीधे फसल उत्पादन पर निर्भर करती है। खरीफ फसल की कटाई के बाद कृषि ऋणों पर दबाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे सकता है।
★ हालांकि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, फसल बीमा कवरेज और किसानों की आय के विविध स्रोतों के कारण स्थिति पिछले एल नीनो वर्षों की तुलना में बेहतर रह सकती है। बेहतर जलाशय स्तर और कम अवधि वाली फसलों को अपनाने से भी जोखिम कुछ हद तक कम हो सकता है।
★ भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 22 जून तक देश में वर्षा सामान्य से 46% कम रही है, जबकि कृषि मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि एल नीनो का खरीफ मौसम के दौरान 12 राज्यों पर अपेक्षाकृत गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। इससे कृषि उत्पादन, ग्रामीण आय और बैंकिंग क्षेत्र की परिसंपत्ति गुणवत्ता पर दबाव बढ़ने की आशंका है।
