छत्तीसगढ़ में धान की सरकारी खरीद 50 लाख टन पर पहुंची

17-Dec-2024 01:39 PM

रायपुर । केन्द्रीय पूल में पंजाब के बाद धान-चावल का योगदान देने वाले दूसरे सबसे प्रमुख राज्य- छत्तीसगढ़ में किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकारी एजेंसियों द्वारा धान की जोरदार खरीद की जा रही है।

राज्य में इस बार कुल 16 लाख टन धान की खरीद का लक्ष्य नियत किया गया है और 15 दिसम्बर तक इसमें से 50 लाख टन की खरीद पूरी हो चुकी थी। ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ में इस बार 15 नवम्बर से धान की खरीद आरंभ हुई है। 

खाद्य विभाग के अनुसार राइस मिलर्स के साथ कुछ समस्या हो गई थी लेकिन अब मामला सुलझ गया है और इसलिए मिलर्स के रजिस्ट्रेशन, अनुमति अनुबंध तथा मिलिंग अनुबंध में नियमित रूप से इजाफा हो रहा है। 

आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि वर्तमान खरीफ मार्केटिंग सीजन के दौरान अब तक किसानों से रायपुर डिवीजन में 14.52 लाख टन, बिलासपुर में 9.76 लाख टन, दुर्ग संभाग में 17.79 लाख टन, बस्तर संभाग में 4.13 लाख टन तथा सरगुजा संभाग में 3.80 लाख टन धान खरीदा जा चुका है। धान की खरीद दिसम्बर तथा जनवरी में भी जारी रहेगी। 

प्राप्त जानकारी के मुताबिक छत्तीसगढ़ में इस बार धान की बिक्री के लिए 27.78 लाख किसानों ने अपना रजिस्ट्रेशन करवाया था जिसमें से 10.66 लाख किसान अब तक अपने स्टॉक की बिक्री कर चुके हैं।

इसमें छोटे एवं सीमांत किसानों की संख्या 2.92 लाख तथा बड़े किसानों की संख्या 6.26 लाख रही। शेष किसान मध्यम श्रेणी के हैं। 

राज्य में 160 लाख टन धान की अनुमानित खरीद के लिए 4 लाख गांठ बारदाने की जरूरत है जिसमें से 3.65 लाख गांठ का स्टॉक पहले ही उपलब्ध करवाया जा चुका है।

चालू वर्ष के दौरान राज्य में भंडारण क्षमता भी बढ़कर 37.25 लाख टन हो गई है। धान की कस्टम मिलिंग के लिए सरकार को 2133 मिलर्स से आवेदन प्राप्त हुए और 1672 मिलर्स का पंजीकरण भी कर लिया गया है।