डिजीटल क्रॉप सर्वे का अभियान खरीफ सीजन में भी रहेगा जारी
01-Apr-2025 04:23 PM
नई दिल्ली। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय अब तक हुए डिजीटल क्रॉप सर्वे (डीसीएस) से न केवल संतुष्ट बल्कि उत्साहित भी है और नए-नए इलाकों में इसका अभियान चलाने का प्लान बना रहा है।
उल्लेखनीय है कि अभी तक 14 राज्यों में 435 जिलों के 3 लाख गांवों में करीब 23 करोड़ प्लॉट या भूखंड का मापन (मानचित्रीकरण) हो चुका है।
इस सर्वेक्षण अभियान में पाया गया कि फसलों के बिजाई क्षेत्र के बारे में जितना मैन्युअल अनुमान लगाया गया था। वास्तविक क्षेत्रफल उससे करीब 19 प्रतिशत अधिक रहा।
यह बहुत बड़ा आंकड़ा है और फसलों के उत्पादन पर इसका काफी असर पड़ सकता है। इसे देखते हुए अभियान को न केवल जारी रहने बल्कि अन्य राज्यों तक विस्तारित करने का भी प्लान बनाया गया है और इसके लिए आवश्यक तैयारी की जा रही है।
उपलब्ध आंकड़ों से पता चलता है कि देश के जिन 14 प्रांतों में डिजीटल क्रॉप सर्वे (डीसीएस) का अभियान चलाया जा रहा है उसमें से 50 प्रतिशत यानी सात राज्यों का प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा। इसमें उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, आसाम और राजस्थान शामिल हैं।
वहां पिछले साल खरीफ सीजन के दौरान उसके लक्ष्यांकित प्लॉट्स के 90 प्रतिशत से अधिक भाग का मापन कार्य सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया।
अब सरकार ने इन 14 राज्यों से अलग देश के अन्य प्रांतों में भी डीसीएस का अभियान आरंभ करने की तैयारी शुरू कर दी है।
इसके अंतर्गत प्रत्येक राज्य में कम से कम एक जिले को इस सर्वेक्षण अभियान में अवश्य शामिल किया जाएगा और अगले खरीफ सीजन में इसकी शुरुआत हो सकती है।
खरीफ कालीन फसलों की बिजाई का सीजन जून में आरंभ होने वाला है और डिजीटल क्रॉप सर्वे की तैयारी के लिए सरकार को दो माह का समय मिल जाएगा। जिन 14 राज्यों में यह सर्वेक्षण अभियान पहले से चल रहा है वहां इसे आगे भी जारी रखा जाएगा।
पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल तथा उड़ीसा सहित देश के अन्य प्रमुख कृषि उत्पादक राज्यों में फसलों के उत्पादन क्षेत्र का सटीक आंकड़ा प्राप्त होना आवश्यक है। इससे उत्पादन का व्यवहारिक अनुमान लगाने तथा बाजार की दुविधा दूर करने में सहायता मिलेगी।
