डॉलर के मुकाबले रुपया घटकर सबसे निचले स्तर पर आया
01-Dec-2025 06:05 PM
मुम्बई। भारतीय रुपए की विनिमय दर में गिरावट का सिलसिला जारी है और रिजर्व बैंक उस पर अंकुश लगाने के लिए तमाम प्रयास कर रहा है।
आज यानी 1 दिसम्बर 2025 को शुरूआती कारोबार में अमरीकी डॉलर के सापेक्ष रुपया का भाव घटकर 87.76 के स्तर पर आ गया।
जो अब तक का सबसे निचला स्तर है जो करीब दो सप्ताह पूर्व के सबसे निम्न स्तर 89.49 से भी नीचे है। भारतीय रुपया के घराशायी होने से रिजर्व बैंक की चिंता बढ़ गई है।
हालांकि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितम्बर 2025) के दौरान सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में शानदार बढ़ोत्तरी हुई और अर्थ व्यवस्था की विकास की दर बढ़कर 8 प्रतिशत से ऊपर पहुंच गई लेकिन रुपया की जोरदार कमजोरी गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है।
3 नवम्बर से 1 दिसम्बर के बीच अमरीकी डॉलर की तुलना में भारतीय रुपए में करीब 100 पैसे (1 रुपया) की गिरावट आ गई। वर्ष 2025 में वैश्विक स्तर पर सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली मुद्राओं में रुपया भी शामिल है। केवल तुर्की के लीरा एवं अर्जेन्टीना के पेसो से रुपया का प्रदर्शन बेहतर रहा।
यद्यपि रुपया की कमजोरी से वैश्विक बाजार में भारतीय उत्पाद सस्ते होंगे और उसके निर्यात में बढ़ोत्तरी होने की संभावना रहेगी लेकिन दूसरी ओर विदेशों से होने वाला आयात काफी महंगा हो जाएगा जो घरेलू बाजार भाव को ऊंचा उठा सकता है।
भारत में खाद्य तेल एवं दलहन का आयात बड़े पैमाने पर होता है और पेट्रोलियम तथा सोना, चांदी के बाद सर्वाधिक विदेशी मुद्रा इसके आयात पर ही खर्च होती है।
दूसरी तिमाही में जीडीपी में 8.2 प्रतिशत की शानदार बढ़ोत्तरी होने से इक्विटी भी उछल कर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई और बांड शील्ड में भी तेजी आई मगर मुद्रा में सुधार नहीं आया।
पिछले सप्ताह 28 नवम्बर को विदेशी निवेशकों द्वारा करीब 40 करोड़ डॉलर मूल्य की भारी इक्विटी की बिक्री की गई जिससे गत वर्ष के मुकाबले चालू वित्त वर्ष के दौरान भारत से मुद्रा का बहुत ज्यादा बाहिर्गमन हुआ इस वर्ष अब तक देश से 16 अरब डॉलर से अधिक विदेशी मुद्रा बाहर जा चुकी है।
