एमपी, गुजरात एवं राजस्थान में गेहूं फसल की कटाई आरंभ
20-Mar-2025 06:54 PM
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश (एमपी), गुजरात एवं राजस्थान जैसे प्रांतों में गेहूं की अगैती बिजाई वाली फसल की कटाई-तैयारी छिटपुट रूप से आरंभ हो चुकी है जबकि आगामी समय में इसकी रफ्तार तेज होने की उम्मीद है।
पंजाब, हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश में अगले दो सप्ताहों में नई फसल की कटाई की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। केन्द्र सरकार इस बार किसानों से अधिक से अधिक मात्रा में गेहूं खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है जबकि अधिकांश मंडियों में इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न का भाव अब भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से ऊंचा चल रहा है।
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने 2024-25 के मौजूदा रबी सीजन में गेहूं का घरेलू उत्पादन बढ़कर 1154.30 लाख टन के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान लगाया है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार मंत्रालय का अनुमान गेहूं की औसत उपज दर तथा राज्यों द्वारा बिजाई क्षेत्र के बारे में दी गई सूचना पर आधारित होता है।
अभी मंत्रालय का दूसरा अग्रिम अनुमान ही सामने आया है जबकि दो और अनुमान जारी होना है। उसमें गेहूं के उत्पादन आंकड़े में बदलाव हो सकता है।
फसल की कटाई-तैयारी के बाद उसकी औसत उपज दर के बारे में जो सूचना मिलेगी उसके आधार पर उत्पादन का अनुमान घटाया अथवा बढ़ाया जा सकता है।
सरकार ने डिजीटल फसल सर्वेक्षण आरंभ किया है जिससे उपज दर एवं उत्पादन की सटीक जानकारी प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।
2023-24 सीजन के दौरान केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने 1132.90 लाख टन गेहूं के रिकॉर्ड उत्पादन का अनुमान लगाया था जबकि फ्लोर मिलर्स ने 1040 से 1060 लाख टन के बीच उत्पादन आंका था।
इस बार गेहूं के बिजाई क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई है और जलवायु रोधी किस्मों की खेती अधिक क्षेत्रफल में की गई है इसलिए उत्पादन में बढ़ोत्तरी होने के आसार हैं।
हैरत की बात यह है कि 1154 लाख टन से ज्यादा गेहूं के रिकॉर्ड उत्पादन की संभावना के बावजूद खाद्य मंत्रालय ने वर्ष 2025 के रबी मार्केटिंग सीजन के लिए महज 310 लाख टन की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है।
इसका कारण संभवतः गेहूं का थोक मंडी भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (2425 रुपए प्रति क्विंटल) से ऊंचा रहना हो सकता है।
