एथनॉल के उत्पादन एवं उपयोग से चीनी उद्योग की हालत सुधरने का दावा
15-Sep-2025 02:08 PM
पुणे। केन्द्रीय सड़क परिवर्तन और राजमार्ग मंत्री ने कहा है कि चीनी उद्योग वस्तुतः एथनॉल के उत्पादन एवं विपणन की वजह से ही जिन्दा है। गन्ना की खेती के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाए जाने की जरूरत है।
केन्द्रीय मंत्री के अनुसार महाराष्ट्र के विदर्भ एवं मराठवाड़ा संभाग में किसानों की आत्महत्या का मामला मुख्यतः खेती के लिए पानी के अभाव से जुड़ा हुआ है। उन्होंने पानी के संरक्षण तथा आत्महत्या करने वाले किसानों के बच्चों के कल्याण के लिए एक संस्था द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना भी की।
राजमार्ग मंत्री के अनुसार किसानों को अपनी फसलों की सिंचाई के लिए यदि पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध होता है तो उसे आत्महत्या के लिए विवश नहीं होना पड़ता। कृषि क्षेत्र में नई तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जाना आवश्यक है और इस सम्बन्ध में प्रयोग भी आरंभ हो चुके हैं। एथनॉल की वजह से देश में पेट्रोलियम का आयात घटाने में सहायता मिल रही है।
लगभग 22 लाख करोड़ रुपए मूल्य के जीवाश्म ईंधन (पेट्रोलियम) का वार्षिक आयात होता है। वर्तमान समय में गन्ना की खेती और चीनी मिलों की गतिविधि का अस्तित्व एथनॉल के कारण ही बरकरार है। देश में चीनी का अधिशेष उत्पादन हो रहा है और मिलों को अपना आर्थिक प्रबंधन मजबूत रखने में एथनॉल कारोबार से काफी सहारा मिल रहा है। आगे भी इसका मजबूत आधार बरकरार रहने की उम्मीद है।
उल्लेखनीय है कि चालू माह के आरंभ में कांग्रेस के मीडिया प्रभारी ने कहा था कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री अपने निजी एवं निहित स्वार्थ के कारण एथनॉल उत्पादन के लिए लांचिंग कर रहे हैं।
मंत्री जी के दो बेटे ऐसी फर्मों के साथ सम्बद्ध है जो एथनॉल के उत्पादन एवं कारोबार में लगी हुई है और उसे अनुकूल सरकारी नीति से भारी आर्थिक लाभ हो रहा है।
वैसे भाजपा ने यह कहते हुए इस आरोप को ख़ारिज कर दिया है कि कांग्रेस बिना किसी ठोस सबूत एवं दस्तावेज के गलत-सलत आरोप लगा रही है जिसमें कोई सच्चाई नहीं है।
इससे पूर्व सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल के मिश्रण का कार्यक्रम रोकने संबंधी याचिका को अस्वीकार कर दिया था।
