फरवरी में वर्षा कम होने तथा तापमान ऊंचा रहने का अनुमान
03-Feb-2026 05:14 PM
नई दिल्ली। फरवरी माह के दौरान अधिकांश रबी फसलों में फूल एवं दाना निकलने तथा कुछ अगैती फसलों में दाने के परिपक्व होने की प्रक्रिया जारी रहती है इसलिए इस माह के मौसम पर रखी जाती है।
मौसम विभाग के मुताबिक इस वर्ष फरवरी में देश में अधिकांश भागों में उच्चतम एवं न्यूनतम तापमान सामान्य औसत से ऊंचा रहने और वर्षा सामान्य औसत से कम होने की संभावना है।
एक अच्छी बात यह है कि जुलाई 2026 तक अल नीनो मौसम चक्र के उदासीन (न्यूट्रल) रहने का अनुमान लगाया गया है।
मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमोत्तर भारत में चालू माह के दौरान बारिश कम होती जबकि तापमान ऊंचा रहेगा। इससे रबी फसलों की सेहत पर असर पड़ सकता है।
वैसे पूरा संभाग के साथ-साथ इससे सटे मध्यवर्ती भारत में शीत लहर की समयावधि कम रही मगर मौसम में ठंडापन बरकरार रहा। इस बार घने कोहरे एवं गहरे धुंध का प्रकोप भी ज्यादा दिनों तक नहीं देखा गया। जनवरी के अंतिम सप्ताह के दौरान पश्चिमोत्तर राज्यों में हुई अच्छी वर्षा से रबी फसलों को फायदा हुआ है।
एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि उत्तरी भारत में 80 प्रतिशत से अधिक क्षेत्रफल में गेहूं की ऐसी नई एवं उन्नत किस्मों की खेती की गई है जिसमें मौसम एवं जलवायु की प्रतिकूल स्थिति को सहने की अधिक क्षमता रहती है।
वैसे भी पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार तथा गुजरात जैसे राज्यों में सिंचाई की अच्छी सुविधा मौजूदा है। देश का 90 प्रतिशत से अधिक गेहूं इन्हीं राज्यों में पैदा होता है।
चना तथा सरसों की फसल फिलहाल संतोषजनक स्थिति में है। मध्य फरवरी के बाद ही तापमान में वृद्धि एवं वर्षा की कमी का असर रबी फसलों पर देखा जा सकेगा।
