गेहूं की आपूर्ति एवं उपलब्धता की जटिलता को सरकारी स्टॉक कर सकता है दूर
04-Apr-2025 04:52 PM
नई दिल्ली। हालांकि केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने गेहूं का घरेलू उत्पादन 2023-24 सीजन के 1133 लाख टन के रिकॉर्ड स्तर से भी करीब 21 लाख टन बढ़कर 2024-25 के वर्तमान सीजन में 1154 लाख टन के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान लगाया है लेकिन उद्योग- व्यापार क्षेत्र इससे सहमत नहीं है।
स्वयं उद्योग- व्यापार क्षेत्र में गेहूं के उत्पादन पर मतान्तर बना हुआ है। इस क्षेत्र ने गेहूं का घरेलू उत्पादन नीचे में 960 लाख टन से लेकर ऊपर में 1100 लाख टन के बीच होने की संभावना व्यक्त की है और इस तरह उसके उत्पादन आंकड़े में 140 लाख टन का भारी अंतर देखा जा रहा है।
केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय ने इस बार 313 लाख टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य नियत किया है और उसे यह लक्ष्य आसानी से हासिल हो जाने की उम्मीद है।
सरकार का भरोसा खासकर मध्य प्रदेश तथा राजस्थान पर टिका हुआ है जहां किसानों को 2425 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से ऊपर क्रमश: 175 रुपए प्रति क्विंटल तथा 150 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस देने की घोषणा की गई है। पंजाब- हरियाणा में गेहूं की खरीद सामान्य होने के आसार है।
उद्योग-व्यापार क्षेत्र का मानना है कि घरेलू प्रभाग में गेहूं की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति चालू वर्ष के दौरान भी पिछले साल की भांति जटिल बनी रहेगी लेकिन केन्द्रीय पूल के लिए इसकी अधिक खरीद होगी और सरकारी स्टॉक से बाजार की जटिलता को दूर करने का प्रयास किया जा सकता है।
गेहूं का भाव हाल के सप्ताहों में नरम पड़ा है और अप्रैल-जून की तिमाही के दौरान जोरदार आवक होने से कीमतों पर दबाव काफी हद तक बरकरार रह सकता है लेकिन उसके बाद आपूर्ति का दबाव घटने पर गेहूं का भाव पुनः मजबूत होने लगेगा।
प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक 1 अप्रैल 2025 को भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के पास करीब 124 लाख टन गेहूं का स्टॉक मौजूद था जो गत वर्ष की तुलना में 65 प्रतिशत ज्यादा था।
यदि 313 लाख टन की खरीद का लक्ष्य हासिल हो गया तो कुल स्टॉक का स्तर काफी ऊंचा हो जाएगा और तब सरकार घरेलू बाजार में प्रभावी ढंग से हस्तक्षेप करने में सफल हो सकती है।
