गेहूं की बिजाई में शानदार वृद्धि से पैदावार बेहतर होने की उम्मीद

11-Dec-2025 01:30 PM

नई दिल्ली। रबी सीजन के सबसे प्रमुख खाद्यान्न- गेहूं की बिजाई में उम्मीद के अनुरूप निरन्तर वृद्धि का सिलसिला जारी है जिसे देखते हुए लगता है कि इसका कुल उत्पादन क्षेत्र इस बार आसानी से बढ़कर 312.35 लाख हेक्टेयर के सामान्य औसत क्षेत्रफल से आगे निकल जाएगा।

इस वर्ष 5 दिसम्बर तक गेहूं का बिजाई क्षेत्र 241.40 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया जो पिछले साल की समान अवधि के रकबा 217.80 लाख हेक्टेयर से 23.60 लाख हेक्टेयर या करीब 11 प्रतिशत अधिक था। अधिकांश राज्यों में गेहूं की बोआई अभी जोर-शोर से जारी है।

गेहूं की खेती में किसानों के बढ़ते उत्साह एवं आकर्षण के कई कारण है। सरकार ने इसका न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2024-25 सीजन के 2425 रुपए प्रति क्विंटल से 160 रुपए बढ़ाकर 2025-26 सीजन के लिए 2585 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित कर दिया है।

बेशक थोक मंडी भाव इसके आसपास या इससे नीचे चल रहा है लेकिन किसानों पर इसका कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं देखा जा रहा है।

कृषक समुदाय को पता है कि केन्द्रीय मूल के लिए भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर अधिक से अधिक मात्रा में गेहूं खरीदने का प्रयास किया जाएगा और फ्लोर मिलर्स तथा व्यापारी भी ऊंचे दाम पर इसकी खरीद कर सकते हैं। इससे किसानों को आकर्षक आमदनी प्राप्त होगी। 

सरकार द्वारा किसानों के बीच ऐसे उन्नत गेहूं बीज का वितरण किया जा रहा है जिसकी न केवल औसत उपज दर ऊंची होती है बल्कि उसमें प्रतिकूल मौसम से अपने बचाव की क्षमता भी ज्यादा रहती है।

इससे खासकर फरवरी-मार्च के महीनों में गेहूं की फसल को नुकसान होने की आशंका घट जाएगी। बिहार में मोतिहारी जिले के पिपराकोठी प्रखंड में किसानों ने शिकायत की है कि सरकारी गेहूं के बीज में अंकुरण नहीं हुआ। ऐसी छिटपुट शिकायतें अक्सर सामने आती रहती हैं मगर कुल मिलाकर बीज अच्छी क्वालिटी की होती है।