गेहूं का घरेलू उत्पादन 1154 लाख टन के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने का अनुमान

11-Mar-2025 11:22 AM

नई दिल्ली। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने अपने दूसरे अग्रिम अनुमान में 2024-25 के वर्तमान रबी सीजन में गेहूं का घरेलू उत्पादन बढ़कर 1154.30 लाख टन के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच जाने की संभावना व्यक्त की है जो निर्धारित लक्ष्य 1150 लाख टन तथा 2023-24 सीजन के अंतिम समीक्षित उत्पादन 1132.90 लाख टन से ज्यादा है।

बिजाई क्षेत्र में भारी बढ़ोत्तरी होने तथा मौसम की हालत फसल के लिए अनुकूल रहने के आधार पर उत्पादन में बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद जताई गई है।

यदि यह अनुमान सही साबित होता है तो घरेलू प्रभाग में गेहूं की आपूर्ति एवं उपलब्धता बढ़ सकती है। इससे कीमतों का स्तर भी कुछ नीचे आ सकता है।

गेहूं में महंगाई दर अप्रैल 2024 में 6.02 प्रतिशत दर्ज की गई थी जो जनवरी 2025 तक आते-आते बढ़कर 8.80 प्रतिशत पर पहुंच गई। 

वर्तमान समय में गेहूं का भाव दिल्ली में 3000 रुपए प्रति क्विंटल से ऊपर चल रहा है जो 2425 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से करीब 24 प्रतिशत ऊंचा है।

उद्योग विश्लेषकों का कहना है कि गेहूं का रिकॉर्ड उत्पादन न केवल बाजार भाव पर दबाव डाल सकता है बल्कि सरकार को पिछले तीन वर्षों से नियत लक्ष्य के अनुरूप इस खाद्यान्न की सरकारी खरीद नहीं हो रही है।

1 फरवरी 2025 को केन्द्रीय पूल में लगभग 161 लाख टन गेहूं का भंडार मौजूद था जो 1 जनवरी 2025 तक की बफर जरूरत 138 लाख टन से ज्यादा रहा।

यदि विशाल उत्पादन के कारण घरेलू बाजार मूल्य में भारी नरमी का माहौल बनता है तो सरकार को इसकी खरीद में अच्छी सफलता मिल सकती है। 1 अप्रैल को केन्द्रीय पूल में कम से कम करीब 75 लाख टन गेहूं का स्टॉक अवश्य होना चाहिए। 

वित्त वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 के आरंभ में गेहूं का सरकारी स्टॉक इस न्यूनतम आवश्यक मात्रा यानी 75 लाख टन के आसपास ही रहा था।

1 अप्रैल 2023 को 84 लाख टन तथा 1 अप्रैल 2024 को करीब 75 लाख टन गेहूं का सरकारी स्टॉक बचा हुआ था। इसके सापेक्ष 1 अप्रैल 2025 को केन्द्रीय पूल में 100-110 लाख टन गेहूं का स्टॉक उपलब्ध रहने की संभावना है।