गेहूं के सरकारी एवं व्यापारिक उत्पादन अनुमान में 50 लाख टन से अधिक का अंतर

20-Mar-2025 03:39 PM

नई दिल्ली। 2024-25 के वर्तमान रबी सीजन के लिए केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने 1154.30 लाख टन गेहूं के रिकॉर्ड घरेलू उत्पादन का अनुमान लगाया है जबकि उद्योग- व्यापार संगठनों ने लगभग 1100 लाख टन के उत्पादन की संभावना व्यक्त की है।

इस तरह दोनों पक्षों के उत्पादन अनुमान में 50 लाख टन से अधिक का अंतर है जिससे बाजार में अटकल बाजी का दौर शुरू हो गया है और गेहूं की कीमतों में स्थिरता आ गई है।

रिकॉर्ड सरकारी उत्पादन अनुमान के दबाव से गेहूं के दाम में काफी गिरावट आने की संभावना व्यक्त की जा रही थी और इसके कुछ आरंभिक संकेत भी मिले थे मगर अब गिरावट का दौर घटता प्रतीत होता है।

दिलचस्प तथ्य यह है कि उद्योग- व्यापार संगठनों ने गेहूं के उत्पादन का जो अनुमान लगाया है वह भी नया रिकॉर्ड स्तर है। 

व्यापार विश्लेषकों के मुताबिक गेहूं के सरकारी एवं व्यापारिक (प्रोसेसिंग उद्योग) के अनुमान में 50 लाख टन से अधिक का भारी अंतर होने से बाजार दिग्भ्रमित हो सकता है और दुविधा या असमंजस की स्थिति रहने पर कीमतों में तेजी आ सकती है।

गेहूं की नई फसल की छिटपुट कटाई-तैयारी आरंभ हो गई है जबकि अगले महीने से इसकी रफ्तार बढ़ जाएगी। वैसे केन्द्रीय कृषि मंत्रालय एवं प्रोसेसिंग उद्योग के गेहूं उत्पादन में इस बार कम अंतर देखा जा रहा है।

उदाहरण स्वरूप 2023-24 के रबी सीजन में मंत्रालय ने करीब 11.33 लाख टन और उद्योग- व्यापार संगठनों ने 1040 लाख टन गेहूं का उत्पादन आंका था।

उत्पादन अनुमान में भारी अंतर का दौर 2021-22 के सीजन में ही आरंभ हो गया था जब सरकार ने 1077 लाख टन गेहूं के उत्पादन की संभावना व्यक्त की थी मगर उद्योग-व्यापार क्षेत्र का अनुमान इससे काफी नीचे था।

उस समय फसल की कटाई-तैयारी शुरू होने से ठीक पहले मौसम खराब हो जाने से गेहूं की उपज दर एवं क्वालिटी बुरी तरह प्रभावित हुई थी।

बाजार भाव अत्यन्त ऊंचा होने पर सरकार ने गेहूं एवं इसके उत्पादों के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था जो अब तक बरकरार है।

रोलर फ्लोर मिलर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष का कहना है कि बीज तथा प्रोसेसिंग के लिए आवश्यक मात्रा के साथ-साथ अन्य  मदों में देश के अंदर करीब 1020-1030 लाख टन गेहूं के स्टॉक की जरूरत पड़ती है।

उत्पादन के विशाल आंकड़ों को देखते हुए इस वर्ष गेहूं का घरेलू बाजार भाव काफी हद तक स्थिर रहना चाहिए। पिछले महीने गेहूं में महंगाई दर वार्षिक आधार पर 9.17 प्रतिशत दर्ज की गई।