गेहूं की सरकारी खरीद गत वर्ष से अधिक- केन्द्रीय पूल में स्टॉक की स्थिति बेहतर

27-May-2024 12:43 PM

नई दिल्ली । चालू वर्ष के दौरान केन्द्रीय पूल के लिए गेहूं की सरकारी खरीद की गति पिछले साल से तेज है। पिछले साल समूचे रबी मार्केटिंग सीजन के दौरान कुल 262 लाख टन गेहूं की सरकारी खरीद हुई थी जबकि चालू सीजन में पहले ही 262.48 लाख टन गेहूं खरीदा जा चुका है और खरीद की प्रक्रिया अभी जारी है।

केन्द्रीय खाद्य, उपभोक्ता मामले एवं सार्वजानिक वितरण मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि 23 मई 2024 तक 59,715 करोड़ रुपए मूल्य का गेहूं खरीदा गया जिससे 22.31 लाख किसान लाभान्वित हुए। 

केन्द्रीय पूल में गेहूं का सर्वाधिक योगदान देने वाले पांच राज्यों में पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान शामिल है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार चालू रबी मार्केटिंग सीजन के दौरान पंजाब में 124.26 लाख टन, हरियाणा में 71.49 लाख टन, मध्य प्रदेश  47.78 लाख टन, राजस्थान में 9.66 लाख टन तथा उत्तर प्रदेश में 9.07 लाख टन गेहूं खरीद जा चुका है।  

सीजन के आरंभ में खाद्य मंत्रालय ने इस बार 300-310 लाख टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य रखा था जिसे बाद में बढ़ाकर 372.90 लाख टन निर्धारित कर दिया। तीन राज्यों का मामला अजीब दिख रहा है।

उत्तर प्रदेश में खाद्य मंत्रालय गेहूं की खरीद का लक्ष्य छोटा रखना चाहता था मगर राज्य सरकार ने न केवल 60 लाख टन की खरीद का लक्ष्य घोषित करवाया बल्कि 1 अप्रैल के बजाए 1 मार्च से ही इसकी खरीद शुरू करने की घोषणा भी कर दी।

लेकिन इसका कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया। अच्छी बात केवल यह रही कि गेहूं की खरीद पिछले साल से कुछ बढ़ गई मगर अभी तक नियत लक्ष्य से करीब 51 लाख टन पीछे है।

मध्य प्रदेश में 80 लाख टन नियत लक्ष्य की तुलना में अभी तक वास्तविक खरीद 50 लाख टन तक भी नहीं पहुंची है जबकि वहां किसानों को गेहूं के लिए 2275 रुपए प्रति क्विंटल के नियत न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के अलावा 125 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस भी दिया जा रहा है।

राजस्थान में भी इतने ही बोनस की घोषणा की गई है जहां 20 लाख टन के नियत लक्ष्य के सापेक्ष 10 लाख टन से भी काम गेहूं खरीदा जा सका है।