गेहूं की सरकारी खरीद गत वर्ष से बेहतर होने के आसार

29-Mar-2025 02:29 PM

नई दिल्ली। घरेलू उत्पादन में बढ़ोत्तरी होने की संभावना को देखते हुए सरकार ने केन्द्रीय पूल के लिए गेहूं की खरीद बढ़ाने का  पुख्ता इंतजाम शुरू कर दिया है।

आरंभिक चरण में इस वर्ष 310 लाख टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा गया है जबकि अवसर मिलने पर इसमें वृद्धि की जा सकती है।

मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश एवं गुजरात जैसे राज्यों में गेहूं की अगैती बिजाई वाली फसल की कटाई-तैयारी मंडियों में आवक तथा सरकारी खरीद पहले ही शुरू हो चुकी है।

अगले महीने यानी अप्रैल से इन राज्यों के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा एवं बिहार आदि में भी नए गेहूं की जोरदार आपूर्ति आरंभ हो जाएगी।

पिछले तीन वर्षों से गेहूं की सरकारी खरीद नियत लक्ष्य से काफी कम हो रही है जिसे देखते हुए खाद्य मंत्रालय ने इस बार व्यावहारिक लक्ष्य नियत किया है।

केन्द्रीय पूल के लिए वर्ष 2022 में महज 188 लाख टन गेहूं खरीदा जा सका था जबकि 2023 में 262 लाख टन एवं 2024 में 266 लाख टन की खरीद हुई। वर्ष 2025 में गेहूं की खरीद नियत लक्ष्य तक पहुंच जाने की उम्मीद सरकार को है। 

ध्यान देने की बात है कि इस बार गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाकर 2425 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है जो पिछले साल के 2275 रुपए प्रति क्विंटल से 150 रुपए ज्यादा है।

मध्य प्रदेश एवं राजस्थान में न्यूनतम समर्थन मूल्य से ऊपर क्रमश: 175 रुपए तथा 150 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस देने की घोषणा की गई है।

इसके फलस्वरूप मध्य प्रदेश के गेहूं उत्पादकों को 2600 रुपए प्रति क्विंटल तथा राजस्थान के किसानों को 2575 रुपए प्रति क्विंटल की दर से सरकारी एजेंसियों को अपना उत्पाद बेचने में सफलता मिलेगी। 

केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने गेहूं का घरेलू उत्पादन पिछले साल के 1132.90 लाख टन से बढ़कर इस वर्ष 1154.30 लाख टन के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंचने का अनुमान लगाया है।

इससे घरेलू बाजार में कीमतों पर कुछ दबाव पड़ा है और सरकार को गेहूं की खरीद बढ़ाने में इससे थोड़ी सहायता मिल सकती है।

पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश एवं राजस्थान में गेहूं की सरकारी खरीद की स्थिति बेहतर हो सकती है जबकि उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात एवं महाराष्ट्र जैसे राज्यों में एजेंसियों को फ्लोर मिलर्स- प्रोसेसर्स एवं व्यापारियों / स्टॉकिस्टों की चुनौती का सामना करना पड़ेगा।