गेहूं की स्टॉक स्तिथि

16-Dec-2024 10:32 AM

गेहूं की स्टॉक स्तिथि
★ पिछले तीन वर्षों में भारत में गेहूं उत्पादन औसत से कम रहा जिसके कारण सरकारी गोदामों में गेहूं के भंडार घटा। स्टॉक 2007-08 के बाद सबसे कम स्तर पर आया।
★ मई 2022 से निर्यात पर प्रतिबंध होने के बावजूद घरेलू कीमतें ऊंची बनी।
★ 1 दिसंबर को सरकारी गोदामों में स्टॉक 206 लाख टन बचा, जिसमें से हर महीने PDS में 15 लाख टन, यानि मार्च तक 60 लाख टन दिया जायेगा।  
★ 1 अप्रैल तक न्यूनतम 74.6 लाख टन गेहूं के भंडार को बनाए रखने के बाद इस दौरान खुले बाजार में लगभग 71 लाख टन बेचने के लिया उपलब्ध होगा।
★ 2023-24 में सरकार द्वारा 100.9 लाख टन गेहूं खुले बाजार में बेचा गया था, जिससे गेहूं की कीमतों को कुछ हद तक शांत किया गया था।
★ लेकिन इस बार न केवल खुले बाजार में उपलब्ध गेहूं की मात्रा कम होगी बल्कि मौजूदा कीमतें सरकारी खरीद को भी प्रभावित कर सकती हैं।
★ अगर खुले बाजार की कीमतें ज्यादा होंगी, तो मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा या राजस्थान के किसान सरकारी एजेंसियों को गेहूं सरकारी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) रुपए 2,425 प्रति क्विंटल पर बेचने के बजाय निजी व्यापारियों को अधिक कीमत पर बेच सकते हैं।
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विदेशो में गेहूं का भाव और आयात पड़तल
★ रूस से गेहूं की कीमत लगभग $230 प्रति टन और ऑस्ट्रेलिया से $270 प्रति टन है। समुद्री मालवाहन और बीमा शुल्क जोड़ने के बाद, इनकी भारत में लैंडेड कीमत रुपए 2,290-2,545 प्रति क्विंटल हो जाती है, जो MSP के करीब है। परन्तु इसमें 40% आयात शुल्क शामिल नहीं। 
★ बिना आयात शुल्क के दक्षिण भारत के आटा मिलों के लिए आयातित गेहूं स्थानीय गेहूं से सस्ता साबित हो सकता है।
★ आयात केवल 0% शुल्क पर ही संभव। 
★ ऊँची कीमतों को देख इस बार गेहूं बिजाई में हो रही है वृद्धि, तापमान भी अब घटने लगा है।
★ मौसम ने साथ दिया तो इस वर्ष गेहूं उत्पादन में हो सकती है वृद्धि।