गेहूं का उत्पादन क्षेत्र नए रिकॉर्ड स्तर की ओर अग्रसर

02-Dec-2025 01:34 PM

नई दिल्ली। रबी सीजन में सबसे प्रमुख खाद्यान्न- गेहूं की बोआई की रफ्तार इस बार काफी तेज देखी जा रही है ओर ऐसा लगता है कि अगर यह सिलसिला आगे भी जारी रहा

तो इस बार इसका क्षेत्रफल बढ़कर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकता है। देश के प्रमुख उत्पादक राज्यों में किसान इसकी खेती में भारी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। 

केन्द्रीय कृषि मंत्रालय की नवीनतम आंकड़ों के अनुसार चालू रबी सीजन के दौरान 28 नवम्बर 2025 तक राष्ट्रीय स्तर पर गेहूं का कुल उत्पादन क्षेत्र उछलकर 187.37 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है

जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 160.26 लाख हेक्टेयर से 27.11 लाख हेक्टेयर ज्यादा है चालू रबी सीजन के लिए गेहूं का सामान्य औसत क्षेत्रफल 312.35 लाख हेक्टेयर नियत हुआ है और उम्मीद की जा रही है कि बिजाई की प्रक्रिया समाप्त होने तक इसका कुल रकबा बढ़कर उससे आगे निकल जाएगा। 

पंजाब, हरियाणा एवं पश्चिम उत्तर प्रदेश में गेहूं की बिजाई या तो पूरी हो चुकी है या अंतिम चरण में पहुंच गई है जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र एवं झारखंड सहित अन्य राज्यों में इसकी जोरदार बिजाई अभी जारी है।

गेहूं की बिजाई पश्चिमोत्तर राज्यों में अपेक्षाकृत जल्दी शुरू हो जाती है। मौसम की हालत अनुकूल रहने और न्यूनतम समर्थन मूल्य में अच्छी बढ़ोत्तरी होने से किसान काफी उत्साहित है और गेहूं का रकबा बढ़ाने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं। 

केन्द्र सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2024-25 सीजन के लिए 2425 रुपए प्रति क्विंटल नियत किया था जिसे 2025-26 सीजन के लिए 160 रुपए बढ़ाकर 2585 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है।

केन्द्रीय पूल के लिए भारतीय खाद्य निगम द्वारा इसी समर्थन मूल्य पर किसानों से विशाल मात्रा में गेहूं की खरीद की जाएगी।

मध्य प्रदेश एवं राजस्थान में पिछले सीजन के दौरान किसानों को गेहूं के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य से ऊपर क्रमश: 175 रुपए तथा 150 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस भी दिया गया था।